सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। दोनों देशों की हालिया सैन्य गतिविधियों, कड़े बयानों और कूटनीतिक टकराव के बीच युद्ध की आशंका को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों की मानें तो ये तीसरे विश्व युद्ध के आसार नजर आ रहे हैं। ऐसे में अब पूरी दुनिया की निगाहें ईरान-अमेरिका पर टिकी हुई हैं।
रक्षा और विदेश नीति से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से फारस की खाड़ी में सैन्य जमावड़ा बढ़ाया जा रहा है और जवाबी चेतावनियां दी जा रही हैं, उससे हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कूटनीतिक हल की संभावनाएं कमजोर पड़ती दिख रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि अमेरिका–ईरान के बीच किसी भी बड़े संघर्ष का असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
`हिंदुस्थानियों, तुरंत ईरान छोड़ो’
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को लिए जारी की दूसरी सुरक्षा चेतावनी
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे ईरान तुरंत छोड़ दें, क्योंकि वहां की सुरक्षा और स्थिति अस्थिर हो रही है। यह चेतावनी पिछले दस दिनों में जारी की गई दूसरी एडवाइजरी है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि आनेवाले दिनों में ईरान में कुछ बड़ा होनेवाला है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, ईरान में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं और कई शहरों में तनाव बढ़ गया है। सभी भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों और व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे उपलब्ध परिवहन साधनों से जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ें और भीड़-भाड़ व प्रदर्शन स्थलों से दूर रहें।
