मुख्यपृष्ठनए समाचारभाजपा-शिंदे गुट की राज्यभर में ‘मनी’ संक्रांति! ...मुंबई-पुणे से लेकर संपूर्ण महाराष्ट्र...

भाजपा-शिंदे गुट की राज्यभर में ‘मनी’ संक्रांति! …मुंबई-पुणे से लेकर संपूर्ण महाराष्ट्र में सत्ताधारियों ने बांटे जमकर पैसे

विरोधियों ने रंगे हाथों पकड़ा, वीडियो बनाया और आयोग को सुपुर्द किया
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार भले ही महाराष्ट्र में स्वच्छ राजनीति और पारदर्शिता की बातें कर रही है, लेकिन चुनाव में खुद महायुति के सभी दल खुलकर धन-बल का उपयोग कर रहे हैं। चुनाव के समय भाजपा, शिंदे गुट और अजीत पवार गुट पर पैसे और सामान बांटने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। चुनावी माहौल गरमाते और चुनाव में हार की सुगबुगाहट से भाजपा और सत्ताधारी महायुति ने खुलेआम धन वितरण शुरू किया है। विपक्ष का आरोप है कि मुंबई–पुणे से लेकर पूरे महाराष्ट्र में ‘मनी‘ संक्रांति मनाते हुए सत्ताधारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को जमकर मनी अर्थात पैसे बांटे।
कई स्थानों पर विरोधियों ने पैसे बांटते हुए लोगों को रंगेहाथों पकड़ा, वीडियो बनाए और ये सबूत चुनाव आयोग को सुपुर्द भी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एमएमआर क्षेत्र की सभी मनपाओं में जमकर पैसे बांटे गए हैं। इनमें सायन, वसई, डोंबिवली, उल्हासनगर, ताड़देव, चारकोप, बोरीवली, चेंबूर और पनवेल इलाकों में बड़ी संख्या में भाजपा और शिंदे गुट पर धन बांटने का आरोप लगा है। खारघर में पैसों से भरे बैग मिले हैं। ताड़देव में तो पैसे बांटने पर खासा बवाल हुआ, जिसके बाद पैसे बांट रहे लोग भाग खड़े हुए।
मनपा चुनावों में भ्रष्टाचार की बाढ़
राज्यभर में पैसों की बारिश चुनाव आयोग ने साधा मौन!

आज मनपा चुनावों के लिए राज्य में वोटिंग हो रही है। मगर इस वोटिंग के पहले महायुति के सहयोगी दलों की ओर से कई स्थानों पर पैसे बांटे जाने की शिकायतें मिली हैं। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग से शिकायत भी की है, मगर उसने मौन साध रखा है।
बता दें कि नई मुंबई के खारघर में तो पैसों से भरा बैग मिलने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खास बात है कि देखते ही देखते, यह पैसों से भरा बैग भी गायब हो गया। विपक्ष का आरोप है कि ये सिर्फ अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा चुनावी धन वितरण का नेटवर्क है। इसमें पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग इनकी पूरी मदद कर रहा है। चूंकि इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है इसलिए चुनाव आयोग भी सवालों के घेरे में है। पुणे में भी सत्ताधारी खेमे पर गंभीर आरोप लगे हैं। वहां उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की पार्टी पर मतदाताओं को लुभाने के लिए साड़ियां बांटने का आरोप लगाया गया है। विपक्ष का कहना है कि कभी नकद, कभी साड़ियां और कभी अन्य सामग्री बांटकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। उनका आरोप है कि सत्ता के दम पर प्रशासन पर दबाव डालकर इन मामलों को दबाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष और तत्काल जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और चुनाव को पैसे के बल पर प्रभावित करने की साजिश को रोका जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरेंगे।

अन्य समाचार