सुनील ओसवाल / मुंबई
नागपुर मनपा चुनाव के प्रचार की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के कथित तौर पर वार्ड क्रमांक १० में भाजपा उम्मीदवार के साथ घूमने के आरोप ने शहर की राजनीति में जबरदस्त उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने इसे चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद कुतुबशाह नगर परिसर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रचार बंद हो जाने के बावजूद प्रभारी मंत्री का उम्मीदवार के साथ प्रत्यक्ष रूप से इलाके में मौजूद रहना चुनाव आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी मुद्दे पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर कुछ देर के लिए माहौल बेकाबू होने लगा। सूचना मिलते ही गिट्टीखदान पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रभारी मंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता का इस्तेमाल कर चुनावी नियमों को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस ने बावनकुले की इस कथित गतिविधि को लेकर तीव्र आपत्ति दर्ज कराई है।
विवाद बढ़ने के बाद चंद्रशेखर बावनकुले ने सफाई देते हुए कहा कि कुतुबशाह नगर निवासी राजू देवाड़े उनके करीबी कार्यकर्ता हैं और उनके जन्मदिन के अवसर पर वे उनके घर बुलाए गए थे। इसी कारण वे कुछ कार्यकर्ताओं के घरों पर गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गलतफहमी हुई कि वे चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
बावनकुले ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रचार किए बिना, कोई भी पर्चा वितरित किए बिना, कार्यकर्ताओं के घर सामाजिक भेंट देने की अनुमति है और उन्होंने नियमों का पूर्ण पालन किया है। उनके अनुसार, कांग्रेस शहर अध्यक्ष को पूरी स्थिति समझा दी गई है और अब गलतफहमी दूर हो चुकी है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने नागपुर में चुनाव आचार संहिता के पालन को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा कर दिया है। प्रचार थम चुका है, लेकिन सियासी टकराव और आरोप-प्रत्यारोप का शोर अभी भी शहर की गलियों में गूंज रहा है।
