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मैहर में जल जीवन मिशन फेल…खराब हैंडपंप, सूखे नल… नाले का पानी पीने को मजबूर बच्चे व बुजुर्ग!

– मोहन सरकार की लापरवाही से बूंद-बूंद पानी को तरसते मैहरवासी

-दूषित पानी में मिल रहे हैं कीड़े-मकोड़े

मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में दूषित पानी से जुड़ी घटनाओं के बावजूद प्रशासनिक तंत्र और जिम्मेदार विभागों की नींद नहीं टूटी है। मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में टेगना ररिया टोला में हालात इतने चिंताजनक हो चुके हैं कि ग्रामीणों को मजबूरी में नाले और गड्ढे में भरे गंदे पानी का इस्तेमाल पीने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए करना पड़ रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत गांव में नल कनेक्शन लगाए गए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन नलों से नियमित रूप से पानी नहीं आ रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। वहीं बस्ती में मौजूद एकमात्र हैंडपंप भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। इस वजह से यहां पर रह रहे लोगों को नाले के पानी से ही अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है और इस पानी को पीकर ही यहां रहने वाले लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। दो दर्जन परिवार दूषित पानी पर निर्भर हैं। पेयजल के किसी वैकल्पिक स्रोत के न होने के कारण टेगना ररिया टोला के करीब २० से २५ परिवार नाली और गड्ढे में जमा गंदे पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। यह पानी बदबूदार है और उसमें कीड़े-मकोड़े तक दिखाई देते हैं। इसके बावजूद मजबूरी में लोग इसी पानी को पी रहे हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद जल जीवन मिशन से जुड़ी एलएंडटी कंपनी के ऑपरेटर नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले पांच दिनों से गांव में पानी की आपूर्ति ठप थी, जिस कारण ग्रामीणों को नाली का गंदा पानी पीना पड़ा। ऑपरेटर ने तकनीकी खराबी को कारण बताते हुए जल्द सुधार का दावा किया और नल चालू करने की प्रक्रिया शुरू की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अधिकारियों को इस गंभीर समस्या की जानकारी थी तो समय रहते समाधान क्यों नहीं किया गया।
शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं
इस दूषित पानी के सेवन से डायरिया, उल्टी, बुखार, त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने की आशंका हर समय बनी रहती है। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।

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