मुख्यपृष्ठनए समाचारनासिक पुलिस आयुक्त के दफ्तर में ‘बोतलवाले बाबा’ का तमाशा!

नासिक पुलिस आयुक्त के दफ्तर में ‘बोतलवाले बाबा’ का तमाशा!

-मंत्र-फूंक के वीडियो से मचा बवाल…भड़की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति

सुनील ओसवाल / मुंबई

अंधश्रद्धा, चमत्कार और ढोंग-पाखंड के खिलाफ कार्रवाई करनेवाली पुलिस के ही दफ्तर में अगर कोई ‘बाबा’ चमत्कार करता नजर आए, तो सवाल उठना लाजमी है। नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के कक्ष में उत्तर प्रदेश के एक तथाकथित बाबा द्वारा बोतल में बंद पानी पर मंत्र पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते ही राज्यभर में हड़कंप मच गया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित ‘मनौना धाम’ का स्वयंभू महाराज ओमेंद्र चौहान इन दिनों महाराष्ट्र दौरे पर है। सोशल मीडिया पर वायरल उसके कई वीडियो में वह दावा करता दिखता है कि वह ‘मंत्रित पानी’ से वैंâसर जैसे गंभीर रोग ठीक कर सकता है, मानसिक बीमारियों से मुक्ति दिला सकता है और यहां तक कि मृत व्यक्ति को भी जिंदा कर सकता है। नासिक के एक लग्जरी होटल में भी उसने मरीजों को ठीक करने का दावा किया है। लेकिन सबसे सनसनीखेज तस्वीर तब सामने आई, जब यही ‘बोतलवाला बाबा’ सीधे नासिक पुलिस आयुक्त के दफ्तर में पहुंच गया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि बाबा बोतल के पानी पर मंत्र बुदबुदा रहा है और सामने बैठे पुलिस आयुक्त हाथ जोड़कर उसे नमस्कार कर रहे हैं। कानून के रखवाले के सामने इस तरह अंधश्रद्धा का खुला प्रदर्शन और उस पर मौन सहमति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। अंनिस के शिष्टमंडल ने विशेष पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रय कराले और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को ज्ञापन सौंपकर ओमेंद्र चौहान के खिलाफ जादू-टोना विरोधी कानून के तहत तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की है। अंनिस का कहना है कि जब एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी इस तरह के ढोंग को स्वीकार करता नजर आता है, तो समाज में गलत संदेश जाता है और ढोंगी बाबाओं के हौसले बुलंद होते हैं। अंनिस ने कहा कि यह मामला केवल एक बाबा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।

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