सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा चुनावों में मतदान के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई गई स्याही मिटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग सवालों के घेरे में है। आयोग की अनिष्पक्षता को लेकर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उनकी टीम चोर मंडली है। हार की आशंका के चलते जीतने के लिए तमाम गैरकानूनी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ स्याही नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मिटाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतना बड़ा गड़बड़झाला हो रहा है तो चुनाव आयुक्त और उनके कर्मचारी आखिर किस बात का वेतन ले रहे हैं? उन्होंने कहा कि जनता के पैसे पर पलकर सत्ताधारियों की चापलूसी करने वाले चुनाव आयुक्तों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शिवसेना भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा और कहा कि लोकतंत्र की खुलेआम हत्या की जा रही है।
मतदाताओं के नाम गायब
मतदान के बाद मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई गई स्याही आसानी से मिटाई जा रही है, ऐसे वीडियो कल सुबह से ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए। कई वार्डों में मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम ही गायब पाए गए। मतदान के बीच में ही चुनाव अधिकारियों द्वारा डाक मतपत्रों की पेटियां खोलने की कोशिश किए जाने की भी शिकायतें सामने आर्इं। ऐसी अनेक शिकायतें उद्धव ठाकरे तक पहुंचीं।
ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई
भाजपा चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। उंगली पर लगी स्याही मिटाए जाने की घटना पहले कभी नहीं हुई। बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग हुई है। पिछले वर्ष लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन मतदाता सूचियों में कहीं भी सुधार नहीं किया गया। इस तरह उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के कामकाज पर कड़ा प्रहार किया।
चुनाव के समय चलती है आयोग की तानाशाही!
नौ वर्षों के बाद मुंबई में चुनाव हो रहे हैं। इन नौ वर्षों में चुनाव आयुक्त और उनके कर्मचारी आखिर क्या कर रहे थे? चुनाव के समय आयोग की तानाशाही चलती है, लेकिन जब चुनाव नहीं होते तब ये लोग क्या काम करते हैं? ऐसा सवाल उद्धव ठाकरे ने उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब चुनाव आयुक्तों को रोजाना अपने काम का ब्योरा वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा, अन्यथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयुक्तों के कार्यालय में बैठाया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मतदान के दिन ही मतगणना करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह किस तरह की लोकतांत्रिक व्यवस्था है? उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक २०० और २०६ में चुनाव अधिकारी द्वारा मतदान के दिन ही मतदान पेटी खोलकर गिनती शुरू करने का मामला सामने आया है। यह वैâसा लोकतंत्र है? एक अन्य मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर भाजपा के उम्मीदवार के नाम की पट्टी लगाई जा रही है, वहीं पुरुष मतदाता रवींद्र के नाम के सामने महिला की फोटो लगाई जा रही है। मैं चुनाव आयोग से पूछता हूं कि आखिर दो बार मतदान करने वाले कितने लोगों से हलफनामा लिया है? उन्होंने कहा कि वन मंत्री गणेश नाईक का मतदान केंद्र ही गायब हो गया। वे कई घंटे तक ढूंढते रहे, तब जाकर उन्हें कहीं मिला।
महायुति ने जमकर पैसे बांटे
भाजपा नेतृत्व वाली महायुति ने चुनाव के लिए जमकर पैसे बांटे हैं। चांदी के सिक्के, वॉशिंग मशीन और इन जैसी कई चीजें बांटी, इतने सारे पैसे आखिर आए कहां से? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान कहता है कि मतदान करो, लेकिन हमारा चुनाव आयोग कहता है कि करके दिखाओ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हार चुके हैं। अब वे गंदा खेल रहे हैं।
