-अवैध प्रापर्टी डीलर के खास गुर्गे पर एफआईआर के आदेश
-फ्रॉड कर बिल्डर एग्रीमेंट और बैनामा कर मकान कब्जाने और बेचने पर कोर्ट सख्त
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
योगी सरकार में भी भ्रष्ट पुलिस कर्मियों को हमवार करके भूमाफिया और अवैध बिल्डर-जमीन कारोबारियों का गिरोह खासा सक्रिय है।ताजा प्रकरण सामने आया है अवध के सुल्तानपुर जिले में। यहां के मुख्य बाजार चौक-घंटाघर इलाके में एक मानिंद बिसातखाना कारोबारी को उसका पुराना मकान नए सिरे से बेसमेंट समेत निर्मित करने का एग्रीमेंट करते वक़्त पहले फ्रॉड किया गया। फिर निर्माण में भी घपला कर लाखों का चूना कथित बिल्डरों ने लगा डाला। इसके बाद बहुमंजिले इस पूरे मकान पर ही दावा ठोंक अराजकतत्वों के दम पर मारपीट कर बेसमेंट आदि कब्जा लिया। हैरत है कि अपना बताकर बैनामा करके इसे दुकान के रूप में बेंच भी डाला। भ्रष्ट पुलिस-प्रशासन भूमाफिया नेटवर्क पर एक्शन के बजाय पीड़ित भूस्वामी पर ही संदेह जताते हुए उसे नसीहत देता रहा। करीब दो साल तक पुलिस-प्रशासन की चौखट नाप रहे भवन स्वामी की आखिरकार अदालत ने सुनी। सीजेएम ने उसकी शिकायत को संज्ञान लिया और शहर कोतवाल से कथित बिल्डर दास के खास गुर्गे पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर एक्शन के आदेश दे दिए हैं। जिस पर अमल करते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने घनश्याम तिवारी निवासी हनुमान गढ़ी गली (चौक) को नामजद कर केस दर्ज कर लिया है।
विवरण के मुताबिक, खुद को बिल्डर और रसूखदार बताकर ठठेरीबाज़ार के कथित जमीन कारोबारियों ने सुल्तानपुर चौक पार्किन्सगंज निवासी बिसातखाने व परचून के पुराने कारोबारी सरजू प्रसाद कसौधन को झांसे में ले लिया। उनके मकान को नए सिरे से बनाने के लिये एग्रीमेंट करा लिया। लिखा कुछ, बताया कुछ और निर्माण के बहाने कर डाला मकान दुकान कब्जाने के खेल। हनुमानगढ़ी गली की ही निवासी कृति रस्तोगी से मोटी रकम लेकर ज्वैलरी शॉप खोलने के लिये रजिस्ट्रार को हमवार करके उन्हें अवैधानिक ढंग से बैनामा करके बेच दिया। भवनस्वामी सरजू प्रसाद पुलिस के पास गए तो वो भी बिल्डरों की ही भाषा बोलती रही। नीचे से ऊपर तक कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत से गत दिवस फैसला आया। जिस पर बिल्डर ‘दास’ के गुर्गे पर एफआईआर से योगी की पुलिस की कलई खुलकर सामने आ गई है। अब एफआईआर के बाद शहर कोतवाल ने दारोगा पीके यादव को जांच सौंपी है। देखना है कि यहां फिर खेल होगा या पुलिस न्याय करेगी!
