सामना संवाददाता / मुंबई
चुनावों में दादा गुट को मिली करारी हार के बाद अजीत पवार उदास हैं। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को कहा है कि हार से हताश नहीं होना चाहिए, हमें अपना काम लगातार करते रहना चाहिए।
मनपा चुनाव में दादा गुट को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। राज्य की २९ मनपाओं में गुट को केवल १६७ सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। खासतौर पर पुणे मनपा में दोनों को महज ३० सीटें मिलीं। पिंपरी-चिंचवड़ में भी केवल ३७ सीटों पर जीत दर्ज हो सकी। इसी पृष्ठभूमि में अजीत पवार ने कल पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनका दल आगे और अधिक जोश के साथ काम करेगा। अजीत पवार ने कहा कि फिलहाल चुनावी प्रक्रिया तेज है। १७ तारीख से जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गए हैं। १८ तारीख को छुट्टी है। सुप्रीम कोर्ट ने ३१ तारीख तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, जिन्हें अब १५ दिन की अतिरिक्त मोहलत मिली है।
हार की करेंगे समीक्षा
अजीत पवार ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रयास करना हर राजनीतिक दल का कर्तव्य है और सभी ने अपने-अपने स्तर पर कोशिश की, लेकिन भाजपा को बहुत अच्छा समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि तड़के तीन बजे तक कुछ सीटों के नतीजे आए। इसके बाद हम बैठकर समीक्षा करेंगे कि कहां क्या हुआ। मीडिया भी कह रहा था कि माहौल अच्छा है। लेकिन हमारे अनुमान भी गलत साबित हुए और मीडिया के भी। यह लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।
