मुख्यपृष्ठनए समाचार‘लाडली बहनें’ सड़क पर, सरकार कटघरे में!

‘लाडली बहनें’ सड़क पर, सरकार कटघरे में!

-दो महीने का मानधन नहीं मिला तो महिलाओं ने रोका मुंबई–कोलकाता हाईवे

सुनील ओसवाल / मुंबई

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहन योजना कल शनिवार को खुद सरकार के लिए संकट की सड़क बन गई। दो महीने का मानधन अब तक खाते में न आने से नाराज महिलाओं ने भंडारा स्थित मुंबई–कोलकाता राष्ट्रीय महामार्ग रोक दिया। कुछ ही मिनटों में राजमार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गर्इं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बता दें कि सरकार दावा कर रही है कि नवंबर-दिसंबर की किस्त जारी कर दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखी। भंडारा शहर के नागपुर नाका इलाके में सैकड़ों बहनें सड़क पर बैठ गर्इं। सवाल सीधा था, ‘पैसे भेजे गए हैं तो हमारे खातों में क्यों नहीं आए?’
महिलाओं का गुस्सा सिर्फ मानधन तक सीमित नहीं था, बल्कि वह सरकार की नीयत पर था। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि चुनावों से पहले पैसे देने का वादा कर सरकार ने ‘लॉलीपॉप’ दिखाया, वोट लिए और अब भुगतान अटका दिया। यही आरोप अब इस आंदोलन को सामाजिक नहीं, बल्कि सीधा राजनीतिक बना रहा है। सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि ‘तकनीकी कारणों’ से भुगतान रुका है और ‘कुछ नाम सूची से हट गए हैं।’ लेकिन महिलाओं का सवाल यह है कि अगर योजना चुनावी प्रचार का हिस्सा बन सकती है, तो तकनीकी तैयारी पहले क्यों नहीं की गई? राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस योजना को सरकार ने महिला मतदाताओं को साधने के सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। सभाओं में भरोसे, विज्ञापनों में रकम और भाषणों में संवेदना दिखाई गई। लेकिन चुनावी मौसम खत्म होते ही वही बहनें अब सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।

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