डॉ. बालकृष्ण मिश्र
काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद
गुरुजी, मेरा विवाह तय नहीं हो पा रहा है?
– आशीष कुलकर्णी
(जन्म- ४ अगस्त १९९५, समय- प्रात: ६:४५ बजे, स्थान- कल्याण)
आशीष जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला है। लग्न के आधार पर अगर हम देखें तो सिंह लग्न में आपका जन्म हुआ है और सिंह लग्न का स्वामी सूर्य आपकी कुंडली में १२वें भाव पर शुक्र एवं बुध ग्रह के साथ बैठा है। लग्न भाव का स्वामी यदि १२वें भाव पर बैठता है तो जीवनसाथी का चयन करने और करियर बनाने में परेशानी आती है। यदि राशि के आधार पर हम देखें तो शनि आपकी कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी हो करके अष्टम भाव में बैठा है। इसी कारण संबंध स्थापित नहीं हो पा रहा है। यदि महादशा के आधार पर हम देखें तो शनि की महादशा में शुक्र का अंतर और शुक्र के अंतर में बुध का प्रत्यंतर है। दिसंबर २०२६ तक अच्छा रिश्ता आएगा। इसके लिए ४३ दिनों तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा ५ मिनट तक करते हुए ‘ॐ पिप्लाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र का जाप करें। परिक्रमा समाप्त होने के बाद थोड़ी शक्कर जमीन पर जरूर गिरा दें।
गुरुजी, मेरा कोई काम नहीं बन रहा है, उपाय बताएं?
– कुमार संगकारा
(जन्म- २१ मार्च १९८९, समय- रात १९:१५ बजे, स्थान- उल्हासनगर)
कुमार जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन कन्या लग्न में हुआ है और आपकी राशि सिंह बन रही है। आपकी कुंडली में १२वें भाव पर चंद्रमा के साथ केतु बैठने के कारण केमद्रुम नामक योग भी बना हुआ है। महादशा के आधार पर अगर हम देखें तो राहु की महादशा चल रही है, जिस कारण आपका कोई काम नहीं बन पा रहा है। आप पीपल के पेड़ की परिक्रमा करने के साथ ही मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर चारा डालें तो निश्चित ही आपका काम धीरे-धीरे बनने लगेगा। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
गुरुजी, मेरा स्वास्थ्य और शिक्षा वैâसी रहेगी?
– मीनाक्षी सुर्वे
(जन्म- ३ अक्टूबर २०१८, समय- दिन में १:१५ बजे, स्थान- मुलुंड, मुंबई)
मीनाक्षी जी, आपका जन्म बुधवार के दिन पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि मिथुन बन रही है। धनु लग्न में आपका जन्म हुआ है और १२वें भाव का स्वामी मंगल उच्च राशि का हो करके आपकी कुंडली में द्वितीय भाव पर बैठा है। द्वितीय भाव का स्वामी शनि मारकेश होकर आपकी कुंडली में लग्न में बैठा है। इसी कारण बाल्यावस्था में आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा होगा, लेकिन वर्तमान समय में अगर हम देखें तो बृहस्पति की महादशा समाप्त और शनि की महादशा प्रारंभ हो रही है। शनि आपकी कुंडली में मारकेश है और दूसरे भाव का स्वामी हो करके लग्न में बैठा है। आपकी कुंडली में कुलिक नामक कालसर्प योग भी बना हुआ है। इसी कारण आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। स्वास्थ्य को अनुकूल बनाने के लिए कुलिक नामक कालसर्प योग की पूजा करवाना करवाएं।
