मुख्यपृष्ठअपराधकरोड़ों रुपए मूल्य की प्रतिबंधित एम्बरग्रीस के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

करोड़ों रुपए मूल्य की प्रतिबंधित एम्बरग्रीस के साथ एक आरोपी गिरफ्तार

राधेश्याम सिंह

वसई। नालासोपारा-पूर्व क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ तुलिंज पुलिस कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की प्रतिबंधित एम्बरग्रीस (व्हेल मछली की उल्टी) के साथ एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल अवैध तस्करी पर लगाम लगाने की है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क की तरफ भी इशारा कर रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर स्थित 90 फीट रोड पर हिडन प्लेस कैफे में प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद की अवैध बिक्री के लिए सौदेबाजी की जा रही है। सूचना के आधार पर 17 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे तूलिंज पुलिस ने कैफे में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी कादर गफ्फार करगश्रा (उम्र 52 वर्ष), निवासी स्टार अपार्टमेंट, जव्हार, जिला पालघर के कब्जे से 1 किलो 858 ग्राम वजन की एम्बरग्रीस बरामद की है ,जिसकी प्रतिबंधित पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 85 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है।

क्यों है प्रतिबंधित?
एम्बरग्रीस, जिसे आम भाषा में व्हेल मछली की उल्टी कहा जाता है,अत्यंत दुर्लभ होती है और इसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगे इत्र और दवाइयों में किया जाता है।भारत में व्हेल और उससे जुड़े किसी भी उत्पाद का व्यापार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है। तूलिंज पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 2, 39, 44, 48(अ), 49(ब), 51 और 57 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को वसई न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपी को 21 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह एम्बरग्रीस कहां से लाई गई थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद अंतरजिला और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। यह पूरी कार्रवाई परिमंडल-2 की पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगुले श्रींगी और सहायक पुलिस आयुक्त उमेश माने पाटील के मार्गदर्शन में की गई। ऑपरेशन का नेतृत्व तूलिंज पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय जाधव ने किया, जबकि डिटेक्शन ब्रांच के एपीआई सुनील पवार और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई।

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