मुख्यपृष्ठस्तंभरौबीलो राजस्थान : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कुण?

रौबीलो राजस्थान : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कुण?

बुलाकी शर्मा राजस्थान

प्रतियोगी परीक्षावां री त्यारी कर रैया बेरोजगार युवक-युवतियां सूं सवाल, `बरस २०२५ रो नोबेल शांति पुरस्कार किसी शख्सियत नै अरपित करियो गयो?’
`वेनेजुएला री विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो।’
नार्वे री नोबेल कमेटी रै हिसाब सूं आपरो जवाब सही है पण दुनिया रा नम्बर वन मोगाम्बो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप री नजर में साव गलत है। बे अबै खुद नै पुरस्कार विजेता मानै क्यूंवैâ पुरस्कार हासल करणवाळी मचाडो पुरस्कार रो मेडल बां नै गिफ्ट कर दियो है। आपरै इण जवाब सूं ट्रंप रो नाराज हुवणो तय है।
मचाडो बां नै ताकत रै मारफत दुनिया में शांति रो संदेसो देवणिया शांतिदूत मानै अर अ‍े शांतिदूत भूत बणनै वेनेजुएला रा मुखिया निकोलस मादुरो अर बां री पत्नी नै बेड रूम सूं सूत्यां नै उठाय लावै। इण पुरस्कार सारू बे टाबरां दांई जिद कर‌ता रैया है। केई देसां रा मुखियावां सूं ई सिफारस्यां कराई पण नोबेल पुरस्कार कमेटी पुरस्कार लायक कोनी मान्या पण इण रो मेडल गिफ्ट में मिल्यां पछै बे टाबरां सूं बत्ता राजी है।
टाबर कणै राजी अर कणै बेराजी हुय’र जिद करण लागै, ठाह कोनी लागै। आपां सारू मोटी चिंता आ ही है। खुद नै खास बेली बतावता थकां ई टाबरां जियां बे राजी-बेराजी हुवता रैवै। नमस्ते ट्रंप… अबकी बार ट्रंप सरकार जेड़ा जोसीला नारा लगायनै आपां बेलीपै रो फरज निभायो। भारत-पाक सीज फायर री पैली घोषणा करण रो ई चांस दियो। पण बे तो आगै बध’र वैâवण लाग्या कै दोनूं देसां बिचाळै जुद्ध बां रोकायो। खास बेली रो मान राखतां साबजी मून रैया। टैरिफ रो घोटो घुमावता रैवै फेर ई गम गिट रैया हां। वैâबत है, नासमझ अर अकड़ू भायलै सूं दुसमी भलो। दुसमी सूं सचेत रैवां पण नासमझ भायलो कणै-कठै आबरू रै कांदै रा छिलका उतारण लागै, कणै बांडी बण’र उछळ-उछळ’र बटका बोढ़ण लागै, ठाह ई कोनी पड़ै।
प्रतियोगी परीक्षावां री त्यारी करणियां म्हारा जवान बेलियां! आपांरा खास बेली ट्रंप रै व्यवहार नै लेय’र चिंत्या में हूं। आप बरस २०२५ री नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो नै बतासो अर बे बांडी बण्योड़ा बटका भरण नै त्यार!
नाराज हुय’र टैरिफ रो घोटो स्पीडली घुमावणो सरू कर सकै।
म्हारो मन कैवै कै आ नौबत आवणी तो नीं चाइजै। प्रतियोगी परीक्षावां करावणियां महकमां जीके रो पेपर त्यार करणियां नै आ हिदायत देय दी हुवैला वैâ `बरस २०२५ रो नोबेल शांति पुरस्कार’ आउट ऑफ कोर्स मान्यो जावै। जीके सारू आखो मुलक है। घणाई सवाल है।

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