सामना संवाददाता / वाराणसी
वाराणसी के दाल मंडी इलाके में मणिकर्णिका घाट के पास सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने के आरोपों पर बढ़ते विवाद के बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विरासत की इमारतों को संरक्षित किया जाना चाहिए, न कि नष्ट किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में अखिलेश ने लिखा कि मोतियों की तरह पिरोई जाती हैं। धरोहरें तोड़ी नहीं संजोई जाती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने पोस्ट के साथ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें कथित तौर पर पुनर्विकास कार्य से पहले और बाद की मूर्तियां दिखाई गई हैं। एक तस्वीर पर उन्होंने लिखा, ‘मलबे में दबी मिलीं अहिल्याबाई की प्रतिमा। यादव की यह टिप्पणी दाल मंडी पुनर्विकास परियोजना को लेकर बीजेपी पर राजनीतिक हमला करने के कुछ दिनों बाद आई है। शुक्रवार को सपा प्रमुख ने सत्ताधारी पार्टी पर इलाके के छोटे व्यापारियों और निवासियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।
पाल समाज का विरोध प्रदर्शन
मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह हंगामा लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी एक प्राचीन मूर्ति के कथित रूप से तोड़े जाने की खबरों के बाद भड़का। सोमवार को पाल समाज के करीब ३० से ३५ सदस्य घाट पर पहुंचे और मंदिर तथा धरोहरों की सुरक्षा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घाट के पुनर्विकास कार्य के दौरान एक ऐतिहासिक चबूतरे के विध्वंस में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई है, जिसे वे काशी की विरासत और देश का अपमान मानते हैं।
