– प्रतापगढ़ में युवती की रेप के बाद हत्या
– अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के माणिकपुर क्षेत्र में एक दलित युवती की बलात्कार के बाद हत्या किये जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की बीजेपी नीत सरकार पर निशाना साधा। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि प्रतापगढ़ में एक दलित बेटी की जघन्य हत्या का समाचार बेहद दुखद और निंदनीय है। आखिर यूपी में बेटियां कब तक अनसेफ रहेंगी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग से जोड़ते हुए कहा, `सवाल ये है कि उत्तर प्रदेश में पीडीए बेटियों की हत्या का सिलसिला क्यों जारी है। क्या भाजपा सरकार की महिला सुरक्षा की बातें खोखली हैं या फिर महिला सुरक्षा में भी भेदभाव हो रहा है?’ अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में सक्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, `जब घुमंतू माननीय को चुनाव प्रचार से फ़ुरसत मिल जाए तो अपने उत्तर प्रदेश की बेटियों की दुर्दशा पर भी नजर डालिएगा, वैसे अन्याय और अत्याचार के सिवाय आपसे प्रदेश की किसी बहन-बेटी-माता को कोई उम्मीद है नहीं।’ अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी क्षेत्र) बृजनंदन राय ने एक बयान में बताया कि प्रतापगढ़ के माणिकपुर थाना क्षेत्र स्थित ककरहा मिरिया गांव में एक युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि रविवार २६ अप्रैल को माणिकपुर के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी १९ वर्षीय बहन घर के बरामदे में सो रही थी, तभी किसी ने उसकी हत्या करके शव को पेड़ पर फांसी से लटका दिया है। राय ने बताया कि इस सूचना पर थाने पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और शव के पोस्टमार्टम में लड़की से बलात्कार और उसकी गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई।
यूपी में क्यों हो रहीं बार-बार ऐसी घटनाएं
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब राज्य में ‘महिला सुरक्षा’ को प्राथमिकता का दावा किया जाता है, तो फिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों सामने आ रही हैं? क्या जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है, या फिर अपराधियों के हौसले वाकई बेलगाम हैं? यह मामला अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल में बदल चुका है कि आखिर महिला सुरक्षा के मोर्चे पर सिस्टम कितना मजबूत है और कितना कमजोर। सवाल सीधा है, क्या महिलाओं की सुरक्षा का दावा हकीकत में उतर पा रहा है, या फिर यह सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है?
घुमंतू माननीय जब आपको चुनाव प्रचार से फ़ुरसत मिल जाए तो अपने उत्तर प्रदेश की बेटियों की दुर्दशा पर भी नजर डालिएगा, वैसे अन्याय और अत्याचार के सिवाय आपसे प्रदेश की किसी बहन-बेटी-माता को कोई उम्मीद है नहीं।’
– अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
