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भायंदर में अवैध हाथभट्ठी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई …७५० लीटर कच्ची शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार, आबकारी विभाग निष्क्रिय

 

सुरेश गोलानी / मुंबई
हाथभट्ठी की सहायता से देसी (कच्ची) शराब बनाने के अवैध कारोबार के खिलाफ आखिरकार मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ ठाणे जिले का आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। सोमवार को वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कांबले के मार्गदर्शन में सब-इंस्पेक्टर हितेंद्र चव्हाण और उनकी टीम ने भायंदर-पश्चिम के मुर्धा गांव के पास स्थित बोर आगार नामक खाड़ी किनारे इलाके में दोपहर करीब १ बजे घनी झाड़ियों के बीच चल रही हाथभट्ठी पर छापा मारा।
कच्ची शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और अन्य सामग्री के अलावा पुलिस ने ७५० लीटर ‘वॉश’ नामक रसायन बरामद किया। ‘वॉश’ सड़े हुए गुड़ और नौसादर नामक हानिकारक रसायन का मिश्रण होता है, जिसका उपयोग कच्ची शराब बनाने में किया जाता है। जब्त किए गए उपकरणों और रसायन की कीमत ७८,००० रुपए बताई गई है, जो शराब तैयार होकर बाजार में पहुंचने तक कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस ने उपकरणों और रसायन को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कांबले के अनुसार, टीम के पहुंचने से पहले ही हाथभट्ठीr का मालिक अनिल भोईर मौके से फरार हो गया था, लेकिन उसे कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। आमतौर पर सड़ा हुआ गुड़, यूरिया, नौसादर और अन्य खतरनाक रसायनों को मिलाकर किण्वन (फर्मेंटेशन) किया जाता है और भट्ठी में निर्धारित तापमान पर उबाला जाता है। मजदूर, गरीब तबके और कम अाय वर्ग के लोग अक्सर महंगी ब्रांडेड शराब की जगह इस सस्ती, लेकिन जहरीली शराब का सेवन करते हैं।
कुंभकर्णी नींद सो रहा है आबकारी विभाग
राज्य और देश के कई हिस्सों से जहरीली शराब त्रासदी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों को कच्ची शराब के सेवन से अपनी जान गंवानी पड़ी है। ज्ञात हो कि इस प्रकार की मिलावटी और जहरीले रसायनों युक्त अवैध शराब का सेवन करने से अंधापन, लीवर/किडनी पर घातक असर और मृत्यु भी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, भायंदर के ग्रामीण और उत्तन के तटीय इलाकों में कई हाथभट्ठीयां धड़ल्ले से चल रही हैं। कच्ची शराब के सेवन से जुड़े खतरों के बावजूद ठाणे जिले का आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। फिलहाल, पुलिस ने अनिल भोईर के खिलाफ महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम, १९४९ की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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