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योगी सरकार का `वसूली मॉडल’… ५९४ किमी के सफर के नाम पर जनता की जेब पर खुल्लम-खुल्ला डकैती?

बाइक सवारों से रु.९०५, कार वालों से रु.१,८०० की वसूली
यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे का टोल टैक्स सबसे महंगा
योगी सरकार के बहुप्रचारित विकास मॉडल पर अब सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे का टोल टैक्स आम जनता की जेब पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। महज ५९४ किलोमीटर के सफर के लिए बाइक सवारों से ९०५ रुपए और कार चालकों से १,८०० रुपए तक वसूले जाने की तैयारी ने इसे देश के सबसे महंगे एक्सप्रेसवे में शामिल कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह विकास है या फिर जनता पर खुल्लम-खुल्ला आर्थिक बोझ डालने की नई व्यवस्था? विपक्ष ने यूपी की योगी सरकार के इस विकास मॉडल को `वसूली’ मॉडल का नाम देते हुए इसे जनता की जेब पर खुली डकैती बताई है।
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को लोकार्पण हुआ है। मगर इस एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज का सफर अब महंगा पड़ने वाला है। ५९४ किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कार चालकों को एक तरफ का पूरा सफर करने के लिए १,८०० रुपए टोल टैक्स चुकाना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए टोल दरें जारी कर दी हैं। ये दरें वाहन के प्रकार के अनुसार तय की गई हैं। कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों को १,८०० रुपए टोल देना होगा, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहन और हल्के माल वाहनों को २,८४० रुपए देने होंगे।
कांग्रेस बोली, `यूपी में डबल इंजिन की ट्रिपल लूट’
टोल टैक्स की दरों को लेकर यूपी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया `एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए लिखा है, `५९४ किमी के सफर का किराया या जनता की जेब पर डवैâती? बाइक सवारों से ९०५ रुपए और कार वालों से १,८०० रुपए की वसूली। मोदी जी के `मित्र’ अडानी ने ८० फीसदी काम क्या किया, योगी सरकार ने पूरी सड़क ही उनके मुनाफे के लिए गिरवी रख दी।

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