मुख्यपृष्ठनए समाचारफडणवीस सरकार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा ...जमीन कतई नहीं देंगे! ...शक्तिपीठ...

फडणवीस सरकार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा …जमीन कतई नहीं देंगे! …शक्तिपीठ महामार्ग के खिलाफ फिर होगा जनआंदोलन

सामना संवाददाता / मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग प्रकल्प को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना के खिलाफ सांगली जिले के कामेरी गांव में जोरदार विरोध सामने आया है। ग्रामसभा की विशेष बैठक में ग्रामीणों ने एकमत से प्रस्ताव पारित कर साफ कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन महामार्ग के लिए नहीं देंगे। साथ ही जनआंदोलन की चेतवानी दी है।
ग्रामसभा में किसानों ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह परियोजना किसानों पर जबरन थोपी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शक्तिपीठ महामार्ग बनने से बागायती खेती को भारी नुकसान होगा, जिससे खेती पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। सभा की अध्यक्षता सरपंच रणजीत पाटील ने की। इस दौरान जिला परिषद सदस्य जयराज पाटील, पंचायत समिति सदस्य शुभम पाटील सहित कई स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे। ग्रामसभा में किसानों ने कहा कि अगर जमीन गई तो गांव के युवाओं के रोजगार पर भी सीधा असर पड़ेगा।
वरिष्ठ नेता सी. बी. पाटील ने घोषणा की कि इस परियोजना को रद्द कराने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की जाएगी। वहीं आंदोलन समन्वयक अनिल पाटील ने कहा कि किसानों के हित में यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव तहसीलदार, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर लगातार बढ़ते विरोध से सरकार की राह मुश्किल होती जा रही है। पहले भी इस परियोजना को लेकर कई इलाकों में नाराजगी सामने आ चुकी है, अब कामेरी गांव के विरोध ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

अन्य समाचार