-‘कई परिवार हो जाएंगे बर्बाद’
-‘नरक हो जाएगा लोगों का जीवन’
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में प्रस्तावित नागपुर-गोवा शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर अब महायुति सरकार के भीतर ही टकराव खुलकर सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे इस महामार्ग का कोल्हापुर जिले में लगातार विरोध हो रहा है। इसी बीच शिंदे गुट के स्थानीय विधायक चंद्रदीप नरके ने भी इस परियोजना का खुलकर विरोध किया है।
नए प्रस्तावित मार्ग के अनुसार, यह महामार्ग करवीर विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाला है, जिस पर नरके ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि यह परियोजना उनके क्षेत्र से न ले जाई जाए। इससे स्थानीय लोगों का जीवन नरक हो जाएगा। अपने निवेदन में नरके ने कहा है कि प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग से किसानों की जमीन, पर्यावरण और भविष्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना के चलते कोल्हापुर जिले के कई गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, जिससे उनका जीवन संकट में आ जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसे में अब यदि इस नए महामार्ग के लिए भी जमीन ली गई तो छोटे किसानों के पास खेती के लिए जमीन ही नहीं बचेगी।
लोगों का बढ़ता विरोध
इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर किसानों और नागरिकों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। वहीं, महायुति सरकार के भीतर ही भाजपा और शिंदे गुट के बीच इस परियोजना को लेकर मतभेद सामने आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यह विवाद आने वाले समय में सरकार के भीतर और गहराने के संकेत दे रहा है।
