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नैनी के बंद कारखानों की गूंज पीएम तक…छात्र नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी

राजेश सरकार / प्रयागराज

नैनी औद्योगिक क्षेत्र के बंद पड़े कारखानों का मुद्दा अब प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि पहली बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के किसी छात्र नेता ने इस मुद्दे को सीधे प्रधानमंत्री के सामने उठाया है। केंद्रीय इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के भूतपूर्व महामंत्री और शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा अंशुमन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर नैनी एवं यमुनापार के बंद कारखानों को दोबारा शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कारखाने बंद होने से नैनी क्षेत्र का विकास ठप हो गया है और हजारों लोग बेरोजगार होकर पलायन को मजबूर हैं। ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में नैनी को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर यहां बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए गए थे।प्रदीप मिश्रा ने दावा किया कि आईटीआई, टीएसएल, बीपीसी और स्वदेशी कॉटन मिल जैसी बड़ी इकाइयों समेत करीब एक हजार छोटे-बड़े कारखाने यहां संचालित होते थे, जिनसे लाखों लोगों को रोजगार मिलता था।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो माह के भीतर बंद कारखानों को शुरू नहीं किया गया और किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो स्थानीय जनता के सहयोग से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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