राजेश सरकार / प्रयागराज
कमिश्नरी के फूलपुर क्षेत्र में बुधवार शाम आई तेज आंधी एक परिवार के लिए कहर बनकर टूटी, जिसने मां की ममता और मासूम बेटे की मुस्कान दोनों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। बुखार से तप रहे छह वर्षीय बेटे को दवा दिलाकर घर लौट रही मां को शायद अंदाजा भी नहीं था कि घर से कुछ कदम पहले ही मौत उनका इंतजार कर रही है। तेज तूफान के बीच अचानक गिरी दीवार ने मां-बेटे को मलबे में दबा दिया और दोनों की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल है।
प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सराय सुल्तान उर्फ अलीपुर में यह दर्दनाक हादसा बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ। जानकारी के अनुसार सविता प्रजापति (30) अपने सबसे छोटे बेटे अनुपम (6) को दवा दिलाकर लौट रही थीं। अनुपम कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। इसी दौरान मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि मां-बेटा ग्राम सचिवालय जोगिया शेखपुर के सामने स्थित एक वेल्डिंग और लकड़ी की दुकान के पास पहुंचे ही थे कि तेज हवा के चलते वहां की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। देखते ही देखते दोनों मलबे में दब गए। आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे में मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका सविता अपने पीछे तीन बेटियां -संजना (16), रंजना (12), राधा (10) और एक बेटा अनूप (8) छोड़ गई हैं। मृतक अनुपम परिवार का सबसे छोटा बेटा था। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पति संदीप प्रजापति भिवंडी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी रोजी-रोटी के लिए बाहर रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। बुधवार की वह आंधी गांव के लोगों के लिए एक ऐसा दर्द छोड़ गई, जिसे शायद लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।
