मुख्यपृष्ठनए समाचारसमुद्री रास्तों पर हमला! ... भारत की सुरक्षा चिंता बढ़ी

समुद्री रास्तों पर हमला! … भारत की सुरक्षा चिंता बढ़ी

 

ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला केवल एक समुद्री घटना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों के लिए गंभीर चेतावनी है। भारत ने इस हमले को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए साफ कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना चिंताजनक है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, जहाज पर सवार सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं और भारत ने उनके बचाव के लिए ओमान सरकार का आभार जताया है।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और ओमान, होर्मुज जलडमरूमध्य तथा अरब सागर के समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। भारत के लिए यह क्षेत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कच्चा तेल, एलपीजी और अन्य ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा इन्हीं मार्गों से होकर आता है। एक रिपोर्ट ने इसे मिसाइल हमले से जुड़ी घटना बताया, जबकि अन्य रिपोर्टों में हमले के जिम्मेदार पक्ष को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। भारत की चिंता केवल अपने जहाज या चालक दल तक सीमित नहीं है। अगर वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमले बढ़ते हैं, तो बीमा लागत, माल ढुलाई खर्च और ऊर्जा कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी मजबूत
भारत को अब कूटनीतिक स्तर पर कठोर संदेश देने के साथ-साथ नौसेना निगरानी, समुद्री सुरक्षा समन्वय और भारतीय जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। समुद्री व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता अंतर्राष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है और इस पर हमला पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है।

 

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