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नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम : प्रो. सुभाषिनी

सामना संवाददाता / मुरादाबाद

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में रोल प्ले के जरिए स्टुडेंट्स ने रोगी देखभाल, उपचार, पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवा के प्रत्येक क्षेत्र में नर्सों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

रोल प्ले प्रतियोगिता में एएनएम के स्टुडेंट्स सुरभि, पिंकी, निकिता, स्वाति, सृष्टि, शीतल और सानिया के समूह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं नर्सों की भूमिका, जिम्मेदारी, कार्य, समर्पण और रोगी देखभाल पर आधारित रील्स मेकिंग प्रतियोगिता में बीएससी नर्सिंग के अभयजीत ने प्रथम स्थान हासिल किया।

रोल प्ले में बीएससी नर्सिंग के स्टुडेंट्स अपर्णा, अभयजीत कौर, देव शर्मा, दीक्षा पाल, केंजल पाल, महिमा, गुरमनंत कौर, उदित कुमार, रुही, निक्की और दीपिका के समूह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रील्स मेकिंग प्रतियोगिता में अपर्णा ने द्वितीय और प्राची ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के विभिन्न बैचों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दो दर्जन से अधिक स्टुडेंट्स को एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. नेहा आनंद, डॉ. अर्चना जैन आदि शामिल रहे।

इससे पूर्व नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, प्राचार्या प्रो. जेसलीन एम., वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास, डॉ. रामकुमार गर्ग आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम “एम्पावर नर्सेस, सेव लाइव्स” रही। सभी अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया।

नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी ने कहा कि सशक्त एवं शिक्षित नर्सें ही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक आधारशिला हैं। उन्होंने स्टुडेंट्स और नर्सिंग स्टाफ को समर्पण, अनुशासन और मानव सेवा की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।

प्राचार्या प्रो. जेसलीन एम. ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, अवसर और सहयोग के माध्यम से नर्सों को सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सशक्त नर्सें ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नर्सिंग स्टुडेंट्स को आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं और उनका योगदान समाज के लिए अमूल्य है। अंत में डॉ. रामकुमार गर्ग ने वोट ऑफ थैंक्स दिया।

नर्स दिवस कार्यक्रम में डॉ. योगेश कुमार, डॉ. सपना सिंह, डॉ. शालिनी जोशी, डॉ. सुमन वशिष्ट, डॉ. सहर्ष वाल्टर, प्रो. जितेंद्र सिंह, प्रो. विजीमोल, प्रो. अनुषी सिंह, प्रो. वेदमूर्ति, श्री यासिर जावेद आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एमएससी नर्सिंग की स्टुडेंट्स इशिका और शिवाली ने किया।

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