डॉ. बालकृष्ण मिश्र
काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद
प्रश्न…गुरुजी मैं मेहनत बहुत करती हूं, मुझे उसका फल क्यों नहीं मिल पा रहा। मेरा करियर क्या होगा, कोई उपाय बताएं?
आर्या विमलेश मौर्य
(जन्म- २२ मई २०११, समय- दिन में १०:३०, स्थान- कल्याण ठाणे)
आर्या विमलेश जी, आपका जन्म रविवार को उत्तराषाढ़ नक्षत्र के चौथे चरण में हुआ है, जिससे आपकी राशि मकर और लग्न कर्क बनती है। कर्क लग्न के स्वामी चंद्रमा सातवें भाव में स्थित हैं, जबकि शनि पराक्रम भाव में होने से आप मेहनती हैं, लेकिन मेहनत का पूरा फल नहीं मिल पाता। कुंडली में कालसर्प योग होने से बाधाएं आती हैं। वहीं पंचम और दशम भाव के स्वामी मंगल दशम भाव में ‘कुलदीपक योग’ बना रहे हैं, जो भविष्य में बड़ी सफलता का संकेत देता है। वर्तमान में मंगल महादशा और बुध अंतरदशा चल रही है। करियर को अच्छा बनाने के लिए आपको कालसर्प योग की पूजा करना आवश्यक होगा और जीवन की विशेष जानकारी के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड भी बनवाना चाहिए।
प्रश्न…गुरुजी मैं जेईई की तैयारी कर रही हूं, क्या मुझे इसमें सफलता मिलेगी। कृपया मार्गदर्शन करें और कोई उपाय भी बताएं?
अदिति तिवारी
(जन्म- १६ फरवरी २००९, समय-रात्रि में १२:१४, स्थान-वाराणसी उत्तर प्रदेश)
अदिति जी, आपका जन्म सोमवार को विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है, जिससे आपकी राशि और लग्न दोनों तुला बनती हैं। लग्नेश शुक्र उच्च राशि में होकर छठे भाव में स्थित हैं, जिससे आत्मबल में कमी महसूस हो सकती है। आपकी कुंडली में राहु और मंगल के कारण अंगारक योग तथा राहु और नीचस्थ बृहस्पति से चांडाल योग बन रहा है। साथ ही कालसर्प योग भी मौजूद है, जिससे सफलता में रुकावटें आ सकती हैं। फिर भी मेहनत और सही उपायों से आप जेईई में प्रवेश पाने में सफल हो सकती हैं। वर्तमान में शनि महादशा और शनि अंतरदशा चल रही है। उचित उपाय लाभकारी रहेंगे। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाना चाहिए।
प्रश्न… गुरुजी, मैं नौकरी के लिए प्रयास कर रहा हूं, लेकिन मुझे सफलता नहीं मिल रही है। समस्या निवारण के लिए उचित मार्गदर्शन करें और उपाय भी बताएं?
मनोज तिवारी
(जन्म- ३० जुलाई १९८३, समय- दिन में ९:०० बजे, स्थान- सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश)
मनोज जी, आपका जन्म शनिवार को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है, जिससे आपकी राशि मीन और लग्न सिंह बनती है। सिंह लग्न के स्वामी सूर्य बारहवें भाव में स्थित हैं, जिसके कारण करियर में संघर्ष और नौकरी पाने में देरी हो सकती है। वर्तमान में शुक्र महादशा और राहु अंतरदशा चल रही है। राहु-केतु के प्रभाव से आपकी कुंडली में कालसर्प योग भी बन रहा है। राहु दशम भाव में होकर ऊंची महत्वाकांक्षाएं देता है, लेकिन बाधाएं भी लाता है। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। प्रतिदिन पीपल के पेड़ की परिक्रमा और प्रतिदिन हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करना चाहिए। जीवन की गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड भी बनवाना चाहिए और कालसर्प योग की शांति भी करवाना चाहिए।
