जेदवी / मुंबई
मुंबई मनपा ने शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को निजी एजेंसियों के हवाले करने का बड़ा पैâसला लिया है। जून २०२६ से (एम-ई और एम-डब्ल्यू वार्ड को छोड़कर) पूरे शहर में कचरा संग्रहण और प्रबंधन का काम चरणबद्ध तरीके से निजी ठेकेदारों को सौंपा जाएगा। अगस्त २०२६ तक इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की तैयारी है। हालांकि, मनपा इसे सफाई व्यवस्था में सुधार का कदम बता रही है, लेकिन इस पैâसले को लेकर कई सवाल और चिंताएं भी सामने आने लगी हैं। नई व्यवस्था के तहत घर-घर से कचरा उठाने, उसका पृथक्करण, परिवहन और डंपिंग साइट तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जाएगी। ठेकेदार अपने वाहन और कर्मचारियों का इस्तेमाल करेंगे तथा उन्हें कचरे की मात्रा के आधार पर भुगतान किया जाएगा। यह अनुबंध सात वर्षों के लिए लागू रहेगा। ऐसे में अब शहर की सफाई जैसी मूलभूत सेवा पूरी तरह ठेकेदारों पर निर्भर होने जा रही है। मनपा ने २,८१९ सार्वजनिक कूड़ेदानों और १,१९६ सामुदायिक कचरा संग्रह केंद्रों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों को सौंपने का निर्णय लिया है।
