जेदवी / मुंबई
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) भले ही ब्रह्मांड-टिकुजीनीवाड़ी मेट्रो फुटओवर ब्रिज को अपनी बड़ी उपलब्धि बताकर प्रचार कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि मेट्रो लाइन-४ परियोजना करीब ५ साल की भारी देरी और हजारों करोड़ रुपए की लागत वृद्धि का प्रतीक बन चुकी है। जिस परियोजना को जुलाई २०२१ तक पूरा होना था, उसका महत्वपूर्ण काम अब मई २०२६ में जाकर पूरा हुआ है। देरी का खामियाजा आखिरकार आम जनता और सरकारी खजाने दोनों को उठाना पड़ रहा है। घोड़बंदर रोड जैसे अत्यंत व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर और ऊपर से गुजरते मेट्रो वायाडक्ट के बीच बनाए गए इस फुटओवर ब्रिज को अब ब्रह्मांड जंक्शन के नागरिकों और यात्रियों के लिए टिकुजीनीवाड़ी मेट्रो स्टेशन तक सीधी पहुंच का माध्यम बताया जा रहा है। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि जिस सुविधा के लिए लोगों को वर्षों इंतजार करना पड़ा, उसे आखिर इतनी देरी से क्यों पूरा किया गया? मेट्रो लाइन-४ (वडाला-कासारवडवली) परियोजना लगातार समय सीमा तोड़ती रही है। कासारवडवली से कापुरबावड़ी खंड को दिसंबर २०२५ से अप्रैल २०२६ के बीच शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन अब पूरी लाइन अगस्त २०२६ तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है यानी परियोजना लगभग ५ साल पीछे खिसक चुकी है।
