जेल में बंद, लेकिन करोड़ों की कमाई जारी!
नासिक में खरात परिवार पर बड़ा खुलासा
सुनील ओसवाल / मुंबई
महिलाओं के कथित यौन शोषण, ब्लैकमैजिक के नाम पर ठगी और करोड़ों की अवैध संपत्ति जुटाने के आरोपों में जेल की सलाखों के पीछे बंद अशोक खरात की दौलत का खेल अब भी जारी है। सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए बनने जा रहे बाह्य रिंग रोड प्रोजेक्ट ने खरात परिवार की किस्मत चमका दी है। सूत्रों के मुताबिक, इस सरकारी भूसंपादन से खरात परिवार को करीब ३ करोड़ रुपए मिलने वाले हैं। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ ईडी अशोक खरात की काली कमाई की जांच में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी प्रोजेक्ट के जरिए उसी परिवार पर करोड़ों की ‘सरकारी कृपा’ बरसने की चर्चा ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
जानकारी के मुताबिक, गवलणे शिवार की जमीन के बदले अशोक खरात और उसकी फरार पत्नी कल्पना खरात को करीब ८२ लाख ८३ हजार रुपए मिलने की संभावना है। वहीं पाथर्डी शिवार में अधिग्रहित जमीन के बदले उसकी दोनों बेटियां -तृप्तबाला और सृष्टि खरात को करीब १ करोड़ ८२ लाख रुपए मिलने की चर्चा है। हालांकि, इन रकमों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जेल में बंद अशोक खरात सरकारी मुआवजे का लाभ उठा पाएगा? क्योंकि फिलहाल वह ईडी के रडार पर है और उसकी संपत्तियों से जुड़े आर्थिक व्यवहारों की गहन जांच चल रही है। इस पूरे मामले में एक और बड़ा नाम सामने आया है निलंबित उपजिलाधिकारी अभिजित भांडे पाटील का। बताया जा रहा है कि पाथर्डी शिवार की जमीन के सातबारा रिकॉर्ड में भांडे पाटील की पत्नी और खरात की बेटी का नाम एक साथ मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया था। इसके बाद भांडे पाटील पर निलंबन की कार्रवाई हुई थी। सूत्रों की मानें तो भूसंपादन प्रक्रिया के दौरान अशोक खरात की गैरमौजूदगी से जमीन के सौदों की कीमतों पर असर पड़ सकता है। वहीं मुआवजा हासिल करने के लिए उसकी बेटियों की मौजूदगी जरूरी मानी जा रही है।
काली कमाई का नया रास्ता
अब नजर इस बात पर टिकी है कि फरार कल्पना खरात करोड़ों का मुआवजा लेने सामने आती है या नहीं। नासिक में यह मामला अब सिर्फ जमीन अधिग्रहण का नहीं रहा, बल्कि जेल, जमीन, सरकारी सिस्टम और करोड़ों के संदिग्ध रिश्तों का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बन चुका है। दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर टिकी है कि कहीं सरकारी मुआवजे के जरिए काली कमाई को नया रास्ता तो नहीं मिल रहा।
