मुख्यपृष्ठअपराधरिश्तों में शक, धोखा और हत्या की भयावह कड़ियां

रिश्तों में शक, धोखा और हत्या की भयावह कड़ियां

देश के अलग-अलग हिस्सों से बीते एक वर्ष में सामने आए कई अपराध यह संकेत देते हैं कि प्रेम, विवाह और पारिवारिक रिश्तों में अविश्वास, नियंत्रण की मानसिकता और अवैध संबंधों का तनाव कई बार हत्या जैसी भयावह वारदातों में बदल रहा है। ये सभी घटनाएं एक ही दिन की नहीं हैं; कुछ पिछले वर्ष की हैं, कुछ पिछले कुछ महीनों की और कुछ हाल की। लेकिन इनका साझा सूत्र है, रिश्तों का अपराध में बदल जाना।
लखनऊ में २२ वर्षीय शिवानी सिंह की हत्या का मामला हाल की घटना के रूप में सामने आया है। शिवानी की सगाई के कुछ ही दिन बाद उसका शव मिला और पुलिस ने उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया। जांच में यह पहलू सामने आया कि सगाई और दूसरे युवक से संपर्क को लेकर आरोपी भावनात्मक तनाव और नाराजगी में था। स्थानीय रिपोर्टों में सिर पर गंभीर चोट और हत्या के बाद शव फेंके जाने की बात भी सामने आई है। मेघालय का चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस मई २०२५ का मामला है। इंदौर के राजा और सोनम रघुवंशी हनीमून पर मेघालय गए थे। २३ मई २०२५ को दोनों लापता हुए और बाद में राजा का शव मिला। पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य आरोपियों को हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया था। अप्रैल २०२६ में सोनम को जमानत मिली, लेकिन मामला अभी भी हत्या और साजिश के आरोपों के कारण चर्चा में है।
ग्रेटर नोएडा का निक्की भाटी हत्याकांड अगस्त २०२५ में सामने आया था। इस मामले में दो तरह की बातें सामने आईं, एक पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और पैसों की मांग को हत्या की वजह बताया, जबकि स्थानीय स्तर पर रील बनाने को लेकर पति-पत्नी के विवाद की चर्चा भी सामने आई। इन घटनाओं को जोड़कर देखने पर तस्वीर बेहद चिंताजनक बनती है। प्रेम संबंधों में स्वामित्व भाव, विवाह में अविश्वास, सोशल मीडिया को लेकर नियंत्रण, और अवैध संबंधों की जटिलता अब कई बार हिंसक अपराधों में बदल रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि समाज में संवाद, संयम और रिश्तों की मर्यादा के क्षरण की चेतावनी भी है।

अन्य समाचार