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दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में उतरे औषधि विक्रेता, पीएम को भेजा ज्ञापन

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

औषधि विक्रेताओं ने अब दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में मुहिम छेड़ दी है। ई-फार्मेसी पर प्रभावी नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा की मांग को लेकर सुल्तानपुर औषधि विक्रेता संघ ने बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन माध्यम से बिना समुचित सत्यापन एवं बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की बिक्री की जा रही है। संघ ने विशेष रूप से युवाओं में नशीली एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ऐसी दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समाज एवं युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
दवा विक्रेताओं ने कहा कि स्थानीय मेडिकल स्टोरों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट मरीज की स्थिति एवं चिकित्सकीय आवश्यकता का परीक्षण कर दवाएं उपलब्ध कराते हैं, जबकि ऑनलाइन व्यवस्था में यह आवश्यक मानवीय निगरानी पूरी तरह से अनुपस्थित है। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री हेतु कठोर नियामक व्यवस्था लागू करने, बिना सत्यापित चिकित्सकीय पर्ची के दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने, नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति पर विशेष निगरानी रखने तथा फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के माध्यम से दवा बिक्री करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
सुल्तानपुर औषधि विक्रेता संघ ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा एवं युवाओं के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष सतीश सिंह की अगुवाई में प्रमोद मिश्रा, अंजनी जायसवाल, दीपक जायसवाल, मो. ताजिम, विजय प्रकाश “लाल बाबा”, रमेश मिश्रा, संतोष सिंह राज, मो. कामिल, विजय त्रिपाठी, संजीव अग्रवाल, अरविंद गर्ग, सर्वेश त्रिपाठी, अनीश गुप्ता, अंशुमान त्रिपाठी, हरमीत सिंह, राम सिंह, फिरोज अहमद सहित सैकड़ों दवा व्यापारी उपस्थित रहे।
उधर, जिले की समस्त दवा दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं एवं आमजन को दवाओं की उपलब्धता पूर्ववत सुनिश्चित की गई।

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