मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
रायबरेली पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गिरोह में बिहार, उत्तराखंड और यूपी के तीन-तीन लोग शामिल हैं। नौ में से तीन सदस्य महिलाएं हैं। गिरोह के सदस्यों के पास से चोरी किया गया एक नौ माह का बच्चा बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि ढाई से तीन लाख रुपये में गिरोह के सदस्य बच्चों का सौदा करते थे।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि जिले में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार, सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह एवं त्रिपुला चौकी प्रभारी अंकुर दुबे की टीम ने बुधवार सुबह छह बजे रेलवे स्टेशन के पास से बच्चा चोर गिरोह के नौ सदस्यों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं।
एसपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बदोगढ़ थाना क्षेत्र के बाबाखेड़ा की रहने वाली सुहागवती वर्तमान में अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। बीते 15 मई को पति से नाराज होकर वह दिल्ली से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन आई थीं। टिकट लेने के बाद वह अपने दो साल और नौ माह के बेटे के साथ त्रिवेणी एक्सप्रेस से मायके सिंगरौली (मध्य प्रदेश) जा रही थीं। रायबरेली रेलवे स्टेशन पर गिरोह के सदस्य सुहागवती और उनके बच्चों को एक भोजनालय में ले गए। इसी दौरान नौ माह के बच्चे को चोरी कर फरार हो गए थे।
सुहागवती की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया गया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक कार कब्जे में लेकर सीज की गई है। जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य एक बच्चे की बिक्री पर संबंधित व्यक्ति से ढाई से तीन लाख रुपये लेते थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। ये लोग अस्पतालों, गांवों और कस्बों में कार्य करने वाली आशा बहुओं तथा अन्य व्यक्तियों के माध्यम से उन लोगों की जानकारी प्राप्त करते थे, जिन्हें संतान की आवश्यकता होती थी। इसके बाद गिरोह के सदस्य नवजात बच्चों की उपलब्धता सुनिश्चित करते थे।
गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अकेली महिलाओं को चिन्हित करते थे, जिनके पास नवजात बच्चे होते थे। मौका पाकर ये लोग जान-पहचान बढ़ाकर उनके बच्चों का अपहरण कर लेते थे। खास बात यह है कि चोरी किया गया बच्चा बिकने पर गिरोह के सदस्य आपस में रकम बांट लेते थे।
जांच में पता चला है कि बच्चा चोरी करने वाला यह गिरोह बिहार, उत्तराखंड और यूपी में लगभग सात-आठ माह से सक्रिय था। गिरोह के सदस्यों द्वारा अब तक सात बच्चों को चुराने की बात सामने आई है। इनमें से एक बच्चा बरामद हुआ है। शेष छह बच्चों को कहां बेचा गया, इस बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एसपी ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की है।
