पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे टेलीग्राम चैनल
एनआईए की चार्जशीट में खुला कच्चा चिट्ठा
मनमोहन सिंह / नई दिल्ली
अप्रैल २०२५ में जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में जो खूनी खेल खेला गया था, उसकी परतें अब पूरी तरह खुल चुकी हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट में एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है, जिसने एक बार फिर घाटी में आतंक के पीछे छिपे पाकिस्तानी चेहरे को बेनकाब कर दिया है। २६ बेकसूर पर्यटकों की मौत का रिमोट कंट्रोल भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के लाहौर में बैठा एक `लंगड़ा’ आतंकी संभाल रहा था!
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरे नरसंहार का मुख्य सूत्रधार लश्कर-ए-तैयबा (एलइटी) और उसके प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस प्रâंट’ (टीआरएफ) का खूंखार आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ ‘लंगड़ा’ है। सैफुल्लाह पाकिस्तान के लाहौर में बैठकर बैसरन घाटी में मौजूद हत्यारों को सीधे निर्देश दे रहा था। हमले वाले दिन वह लगातार आतंकियों के संपर्क में था। वह उन्हें फोन पर बता रहा था कि किधर भागना है, कहां छिपना है और सुरक्षाबलों से वैâसे बचना है। हमले को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक सोची-समझी पटकथा तैयार की गई थी।
`ऑपरेशन महादेव’ ने खोली पाक की पोल
`ऑपरेशन महादेव’ में हमलावर आतंकियों को ढेर कर दिया था। मारे गए आतंकियों के पास से मिले दो मोबाइल फोन इस पूरी साजिश के सबसे बड़े और डिजिटल सबूत बने। पहला फोन, इसकी लोकेशन और डेटा से पता चला कि इसे लाहौर के `कायद-ए-आजम इंडस्ट्रियल एस्टेट’ भेजा गया था।
