एनसीआरबी की रिपोर्ट से चौकाने वाला खुलासा
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही विदेशी नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में महाराष्ट्र में विदेशी नागरिकों के खिलाफ होनेवाले अपराधों की संख्या दोगुनी हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस मामले में महाराष्ट्र पूरे देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
एनसीआरबी द्वारा हाल ही में जारी ‘क्राइम इन इंडिया-२०२४’ रिपोर्ट में विदेशी नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष २०२४ में देशभर में विदेशी नागरिकों के खिलाफ होनेवाले अपराधों के कुल २५७ मामले दर्ज किए गए। इनमें से १५६ विदेशी नागरिक भारत में पर्यटन के उद्देश्य से आए थे।
२० दुष्कर्म और १५ हत्या की घटनाएं
विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपराध चिंता बढ़ानेवाले
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी नागरिकों के खिलाफ सबसे अधिक ४२ मामले चोरी के दर्ज हुए हैं। इसके अलावा २१ मामले विशेष कानूनों के तहत दर्ज किए गए, जबकि २० मामले दुष्कर्म और १५ मामले हत्या से जुड़े हैं।
राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष २०२४ में महाराष्ट्र में विदेशी नागरिकों के खिलाफ सबसे अधिक ४१ अपराध दर्ज किए गए। इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है, जहां ३२ मामले सामने आए। महाराष्ट्र में पिछले तीन वर्षों के आंकड़े चिंता बढ़ानेवाले हैं। वर्ष २०२२ में राज्य में विदेशी नागरिकों के खिलाफ २१ अपराध दर्ज हुए थे, जबकि २०२३ में यह संख्या घटकर १९ रही। लेकिन २०२४ में अचानक इसमें दोगुने से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई और मामलों की संख्या बढ़कर ४१ तक पहुंच गई, वहीं कर्नाटक में २०२२ में २८ और २०२३ में ३२ मामले दर्ज हुए थे। हालांकि, वहां अपराधों की संख्या लगातार अधिक रही, लेकिन पिछले तीन वर्षों में उसमें कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई। इसके उलट महाराष्ट्र में अपराधों का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पर्यटकों के खिलाफ बढ़ते अपराध राज्य की पर्यटन छवि के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सरकार से विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने और पर्यटनस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
