सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे में एनडीपीएस एक्ट के तहत स्पेशल कोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा जांच किए गए एक हाई-प्रोफाइल ड्रग ट्रैफिकिंग केस में पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। इनमें चिंकू पठान उर्फ परवेज खान का समावेश है, जो करीम लाला का पौत्र बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक, मुंबई में करीम लाला वâा वर्चस्व खत्म होने के बाद चिंकू दाऊद के साथ मिलकर ड्रग्स सिंडिकेट चलाने लगा था।
एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक, चिंकू आरिफ भुजवाला के साथ मिलकर एक बड़ा ड्रग सिंडिकेट और अवैध ड्रग लैब चला रहा था। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य पहले सोने की तस्करी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी शुरू कर दी और दशकों से पारंपरिक मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। पिछले चार-पांच वर्षों में इस गिरोह ने कृत्रिम नशीली दवाओं का निर्माण कर इनकी आपूर्ति मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्वी देशों को की। एनसीबी अब संबंधित देशों की एजेंसियों और इंटरपोल के समन्वय से विदेशों में जांच कर रही है।
२०२१ में किया था गिरफ्तार
चिंकू पठान भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस द्वारा मध्य-पूर्व से चलाए जा रहे ड्रग नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा था। जनवरी २०२१ में एनसीबी अधिकारियों की एक टीम ने मुंबई के कुख्यात ड्रग डीलर परवेज खान उर्फ चिंकू पठान, उसके सहयोगी जाकिर हुसैन फजल हक शेख को गिरफ्तार किया था और घणसोली स्थित उसके आवास से २.९ ग्राम हेरोइन और ५२.२ ग्राम ‘एमडी’ समेत एक ९ मिमी की खाली पिस्तौल भी बरामद की गई थी।
कोर्ट ने सुनाई ५ साल की सजा
कोर्ट ने आरोपी परवेज नसेरुल्लाह खान उर्फ चिंकू पठान, मोहम्मद सलमान खान और विक्रांत जयंतीलाल जैन उर्फ विक्की जैन के अलावा अन्य दो आरोपियों को दोषी ठहराया और हर एक को पांच साल की सजा और ५०,००० रुपए का जुर्माना लगाया है।
