-कांग्रेस ने बोला हमला, महाराष्ट्र का मान घटा
-पुणे में फिर एक प्रोफेसर मनीषा हवालदार गिरफ्तार
-अब तक ११ आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि उन्हें एनटीए में फिजिक्स पेपर सेटिंग का काम सौंपा गया था, लेकिन इसकी जानकारी उनके सहकर्मियों और संस्थान के अधिकारियों तक को नहीं थी।
अब तक इस मामले में कुल ११ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें तीन मुख्य शिक्षक और अन्य कथित बिचौलिए, एजेंट और परीक्षा नेटवर्क से जुड़े लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
सीबीआई के मुताबिक यह नेटवर्क कई राज्यों तक पैâला हुआ है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। लेकिन इसकी मूल जड़ महाराष्ट्र से जुड़ी है।
सामना संवाददाता / मुंबई
देशभर में सनसनी मचा चुके नीट पेपर लीक को लेकर अब तक महाराष्ट्र से तीन बड़े शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे प्रकरण में ज्यादातर आरोपी महाराष्ट्र के पुणे सहित विभिन्न जिलों से हैं। मानो इस पूरे प्रकरण में रैकेट का संचालन ही महाराष्ट्र से हो रहा हो। इस मामले में प्रदेश की जमकर बदनामी हो रही है। यह घटना प्रदेश की छवि पर भी बुरा असर डाल रही है। शिक्षा के लिए मशहूर महाराष्ट्र का पुणे शहर अब पेपर लीके मामले को लेकर चर्चा में है। जिसके चलते महाराष्ट्र की छवि राष्ट्रीय स्तर खराब हो रही है। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि राष्ट्रीय स्तर और विद्वानों की नगरी महाराष्ट्र का मान कम हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में सीबीआई ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे की प्रोफेसर मनीषा हवालदार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अब तक एनटीए से जुड़े तीन शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और तीनों का संबंध पुणे से होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सीबीआई जांच के मुताबिक, मनीषा मांढरे बायोलॉजी पेपर सेटिंग से जुड़ी थीं, मनीषा हवालदार फिजिक्स पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रही थीं, जबकि पी.वी. कुलकर्णी केमिस्ट्री प्रश्नपत्र का मराठी अनुवाद कर रहे थे। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार की गई मनीषा हवालदार पिछले ३४ वर्षों से पुणे के बुधवार पेठ स्थित शेठ हीरालाल सराफ प्रशाला इंस्टिट्यूट में फिजिक्स पढ़ा रही थीं और स्कूल की प्राचार्या भी थीं।
