मुख्यपृष्ठनए समाचारएसआईआर के लिए ‘जल्दबाजी’ क्यों?.. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

एसआईआर के लिए ‘जल्दबाजी’ क्यों?.. कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

-निष्पक्षता और पारदर्शिता हो सुनिश्चित

-मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उठाए सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई

मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुंबई कांग्रेस ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर अभियान को जल्दबाजी में न चलाने और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से लागू करने की मांग की है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। ऐसे में एसआईआर अभियान के दौरान किसी भी प्रकार के पक्षपात की आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अगले तीन-चार वर्षों तक कोई बड़ा चुनाव प्रस्तावित नहीं है, इसलिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पर्याप्त समय लेकर सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एसआईआर के लिए यह सरकार जल्दबाजी में क्यों है।
उन्होंने अपने पत्र में मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया में सामने आई खामियों की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि अन्य राज्यों से भी इस अभियान को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने मांग की कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे कम से कम सात दिन का नोटिस दिया जाए और उसका पक्ष सुनना अनिवार्य किया जाए। साथ ही उन्होंने गरुड़ ऐप के रिकॉर्ड को भी प्रमाण के रूप में संरक्षित रखने पर जोर दिया। मुंबई में अब तक ४० प्रतिशत से कम मैपिंग पूरी होने पर चिंता व्यक्त करते हुए गायकवाड़ ने इसे शीघ्र पूरा करने और उसका डेटा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की रिक्त नियुक्तियां तत्काल भरने की आवश्यकता भी जताई।
बारिश में होगी परेशानी
भारी बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए उन्होंने जुलाई २०२६ में प्रस्तावित एसआईआर अभियान के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। गायकवाड़ ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियाद पारदर्शिता और निष्पक्षता पर टिकी होती है तथा निर्वाचन आयोग को सभी पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

अन्य समाचार