मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई की बेशकीमती जमीन पर लगी `१,३५१ करोड़ की बोली!

मुंबई की बेशकीमती जमीन पर लगी `१,३५१ करोड़ की बोली!

-पेडर रियल्टी को ठेका देने की तैयारी
-मनपा प्रशासन का प्रस्ताव सुधार समिति के दरबार में

पात्र निवासियों का होगा पुनर्वसन
प्रस्ताव में भूखंड पर रहने वाले पात्र निवासियों के पुनर्वसन का भी प्रावधान किया गया है। डिवलपर को प्रत्येक पात्र निवासी परिवार को ३७.६३ वर्ग मीटर यानी ४०५ वर्गफुट कारपेट एरिया का घर देना होगा। निर्माण कार्य शुरू करने का प्रमाणपत्र  मिलने के तीन वर्षों के भीतर पुनर्वसन पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही व्यावसायिक दुकानदारों और मनपा स्कूल का भी पुनर्वसन करना होगा।

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के वर्ली स्थित मनपा के बेशकीमती भूखंड को १,३५१ करोड़ रुपए में लीज पर देने की तैयारी शुरू हो गई है। सेंचुरी टेक्सटाइल एंड इंडस्ट्रीज के पास स्थित मनपा के मालिकाना हक वाले १८,१२२ वर्ग मीटर भूखंड के लिए पेडर रियल्टी लिमिटेड ने सबसे अधिक १,३५१ करोड़ रुपए की बोली लगाई है। सबसे अधिक बोली होने के कारण पेडर रियल्टी का चयन करने का निर्णय मनपा प्रशासन ने लिया है। अब इस संबंध में प्रस्ताव मंजूरी के लिए सुधार समिति के सामने रखा जाएगा।
विकास योजना-२०३४ के अनुसार, वर्ली स्थित भूखंड क्रमांक १,५४६ (भाग) आवासीय क्षेत्र में आता है। भूखंड का कुछ हिस्सा खेल के मैदान, मनपा स्कूल और मनोरंजन मैदान के लिए आरक्षित है। इसके अलावा भूखंड के कुछ हिस्से पर ई.ओ.एस. २.६ के तहत मनोरंजन मैदान की सुविधा उपलब्ध है। मनपा ने इस सुविधा को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह सुविधा रद्द होने के बाद ही पेडर रियल्टी को स्वीकृति पत्र दिया जाएगा।
चार कंपनियों ने लगाई थी बोली
इस भूखंड की लीज के लिए आयोजित टेंडर प्रक्रिया में शापूरजी पालनजी, कीस्टोन रियल्टी, के. रहेजा कॉर्प और पेडर रियल्टी इन चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से तीन के टेंडर गैर-प्रतिसादात्मक पाए गए। इसके बाद २५ मई २०२६ को पेडर रियल्टी का टेंडर खोला गया, जिसमें कंपनी ने १,३५१ करोड़ रुपए की बोली लगाई।
१,३४८ करोड़ रुपए थी बेस प्राइस
मनपा ने इस भूखंड के लिए १,३४८ करोड़ रुपए की बेस प्राइस तय की थी। पेडर रियल्टी की बोली इससे महज ०.२२ प्रतिशत अधिक है। यानी हजारों करोड़ की जमीन के सौदे में मनपा की तय कीमत से अंतर बेहद मामूली है।
४०५ करोड़ रुपए पहले देने होंगे
लीज की शुरुआत ३० वर्षों के लिए की जाएगी। इसके बाद तत्कालीन नीति के अनुसार अगले ३० वर्षों के लिए लीज का नवीनीकरण किया जा सकेगा। पेडर रियल्टी को बोली की ३० प्रतिशत रकम यानी ४०५.३० करोड़ रुपए पहली किस्त के रूप में जमा करनी होगी। शेष ९४५.७० करोड़ रुपए की रकम स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद दो वर्षों के भीतर चुकानी होगी।

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