-प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा बना अपराध का हथियार
बेरोजगारी और महंगाई से तंग आकर युवा मुखौटा पहनकर कर रहे क्राइम
१२ साल के ‘विकास’ के बाद देश की ये हालत
सामना संवाददाता / मुंबई
राजस्थान के भीलवाड़ा में जो हुआ वो सिर्फ चोरी नहीं, देश की मौजूदा हालत पर तमाचा है। करेड़ा कस्बे में चोरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर ५ लाख रुपए के मोबाइल चोरी को अंजाम दिया। सवाल ये है कि आखिर नौजवान को पीएम का चेहरा पहनकर अपराध करने की नौबत क्यों आई? चोर शायद यह बताना चाह रहा है कि बेरोजगारी और महंगाई की वजह से युवा अपराध करने को मजबूर हैं। चोरी कर रहा शख्स यह भी बताना चाह रहा है कि देश के युवाओं की हुई बदतर हालत के लिए मोदी जिम्मेदार हैं। इस तरह की चोरी की घटना पूरी दुनिया में आज तक नहीं हुई है। वारदात सीसीटीवी में वैâद हो गई है, यह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है
चोरी की घटना करेड़ा बस स्टैंड स्थित ‘मातेश्वरी मोबाइल शॉप’ में हुई। दुकान मालिक लक्ष्मण सेन को चोरी का पता सुबह तब चला, जब उन्होंने दुकान खोली। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और महंगे मोबाइलों के डिब्बे खाली थे। जांच में पता चला कि चोर छत के रास्ते आए और सीढ़ियों के गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे।
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस को अपनी नजरों पर यकीन ही नहीं हो रहा था। इसलिए क्लिप को बार- बार देखा जा रहा था। फुटेज में एक चोर साफ तौर पर दिख रहा था चोरी करते वक्त अपने चेहरे पर प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा लगाए रखा है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए मोदी के मुखौटे का इस्तेमाल किया था। चोरों ने विभिन्न कंपनियों के करीब ३५ से ४० नए एंड्रॉइड फोन पार कर दिए, जिनकी कीमत ४ से ५ लाख रुपए आंकी जा रही है।
