-अमित शाह लाठीचार्ज का जवाब देने को तैयार, लेकिन सदन में हंगामा न करने की शर्त
-राम मंदिर की लूट पर भी चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन अडिग
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
विपक्षी इंडिया गठबंधन के आक्रामक विरोध से मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले दो सप्ताह से सदन से गायब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जवाब देने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी है कि उनके जवाब के दौरान विपक्षी सदस्य सदन में हंगामा नहीं करेंगे।
सरकार की इस चाल पर विपक्ष ने पलटवार किया है। विपक्ष ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि केवल लाठीचार्ज पर बोलकर सरकार बचकर नहीं निकल सकती। राम मंदिर की लूट के मुद्दे पर भी चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष के इस रुख से सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने कल फिर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर १२ बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा। रिजिजू ने कहा कि छात्र आंदोलन पर विस्तृत चर्चा के लिए अमित शाह तैयार हैं और वे विपक्ष के सभी सवालों और आशंकाओं का समाधान करेंगे।
विपक्ष का जोरदार हमला २० दिन तक क्यों गायब थे अमित शाह?
पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से सवाल किया कि जब गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो आप नारेबाजी क्यों कर रहे हैं? इस पर कुछ सांसदों ने पलटकर सवाल किया कि गृह मंत्री २० दिनों से क्यों गायब थे? अधिवेशन समाप्त होने के समय सदन में आने और जवाब देने की बुद्धि उन्हें अब क्यों आई? इससे सदन में हंगामा और बढ़ गया। इसी हंगामे के बीच पाल ने आदिवासियों से संबंधित विधेयक को ध्वनिमत से पारित कराया और सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में भी हंगामा
राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह, डरो मत, सदन में आओ…’ के नारे लगाए। इसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर १२ बजे, फिर दो बजे और उसके बाद दोपहर सवा दो बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद बैंकिंग से संबंधित विधेयक पर चर्चा हुई।
हालांकि, राम मंदिर की लूट के मुद्दे पर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं किया, जिससे विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
