-आदित्य ठाकरे ने मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े से की मुलाकात
-भाजपा की भूखंड हड़पने की योजना के खिलाफ शिवसेना मनपा पर महा मोर्चा निकालेगी। इसमें अन्य दल भी शामिल होंगे। मुंबई की खुली जगहों को बचाने, ‘बेस्ट’ को बचाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए यह आंदोलन किया जाएगा।
– आदित्य ठाकरे
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा ने मुंबई की खुली जगहों और भूखंडों को हड़पने का अभियान ही शुरू कर दिया है। लेकिन हम खुले मैदानों और भूखंडों को ठेकेदारों तथा बिल्डरों के हवाले नहीं करने देंगे, ऐसी चेतावनी शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल दी। इस दौरान उन्होंने मुंबई की खुली जगहों, भूखंडों और मैदानों को बचाने के लिए मनपा पर महा मोर्चा निकालकर बड़ा आंदोलन करने की घोषणा भी की।
आदित्य ठाकरे ने कल मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे से मुलाकात कर वरली सहित मुंबई के विभिन्न नागरिक मुद्दों पर चर्चा की। बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खुले स्थानों का मुद्दा केवल मनपा तक सीमित नहीं है, बल्कि म्हाडा, एमएमआरडीए जैसे विभिन्न प्राधिकरणों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुंबई में करीब ४०० करोड़ रुपये मूल्य की १६ एकड़ जमीन महज २१ करोड़ रुपये के वार्षिक प्रतिफल पर निजी विकासकों के हवाले की जा रही है। इसलिए यह लड़ाई मुख्यमंत्री के खिलाफ है।
इस अवसर पर मनपा में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर, विधायक सुनील शिंदे, नगरसेविका हेमांगी वरलीकर, पद्मजा चेंबूरकर, नगरसेवक निशिकांत शिंदे, चिंतामणि निवाते सहित अन्य उपस्थित थे।
मुंबईकरों का पैसा खुद पर खर्च करना चाहते हैं
आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने मुंबईकरों का पैसा मुंबईकरों के लिए खर्च किया। पांचवीं से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पांच भाषाओं में टैब दिए गए। लेकिन अब सत्ताधारी अपना पैसा खुद पर, मेयर के बंगले और गाड़ियों पर खर्च करना चाहते हैं। उन्हें अपने लिए टैब चाहिए, ऐसा तंज भी आदित्य ठाकरे ने कसा। उन्होंने कहा कि स्कूल शुरू हुए डेढ़ महीने हो चुके हैं, फिर भी विद्यार्थियों को गणवेश और २७ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पहले बेरोजगारी पर बोलें
डिलिमिटेशन के बाद सांसदों की संख्या बढ़ाकर ८५० किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन सीटों की संख्या बढ़ने से उन पर होने वाला खर्च भी बढ़ेगा और यह पैसा करदाताओं की जेब से जाएगा। इससे स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि केवल ४०० लोगों को रोजगार मिलेगा। इसलिए पहले देश में बढ़ रही बेरोजगारी पर बात करें, ऐसा आह्वान आदित्य ठाकरे ने सत्ताधारियों से किया। उन्होंने अधिकारों का विकेंद्रीकरण करने, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और सांसद निधि बढ़ाने की मांग भी की।
अब तिरंगा वैâसे याद आ गया?
आदित्य ठाकरे ने भाजपा की ‘तिरंगा रैली’ पर भी हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि जब विद्यार्थी तिरंगा आंदोलन कर रहे थे, तब प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए और एके-४७ चलाई गईं, तब तिरंगे का अपमान नहीं हुआ था क्या? इन्हें अब ही तिरंगा क्यों याद आ गया?
पहले पात्रता फिर सेंच्युरी मिल की जमीन विकासक को दें
वरली स्थित सेंच्युरी मिल की जमीन के पुनर्विकास में सबसे पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाए और स्थानीय निवासियों की पात्रता तय की जाए, ऐसी मांग भी इस दौरान मनपा आयुक्त के समक्ष की गई। इसके अलावा प्रभादेवी स्थित सेंच्युरी मिल के ‘म्हाडा’ ट्रांजिट वैंâप परिसर में बाधित जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने, वरली में अवैध फेरीवालों की समस्या का समाधान करने, एनी बेसेंट मार्ग से हिंद साइकिल मार्ग को खोलने तथा कोलीवाड़ा में ४० वर्ष पुरानी इमारत का पुनर्निर्माण कर वहां ‘सीबीएसई’ स्कूल शुरू करने सहित विभिन्न मांगें भी मनपा आयुक्त के साथ हुई बैठक में रखी गईं।
