-`एकनाथ’ को हराने बागियों की सपोर्ट में बीजेपी!
-नासिक सीट को लेकर शिंदे-फडणवीस के बीच बढ़ा तनाव
-डिप्टी सीएम ने सीएम को फोन पर जताई नाराजगी
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नासिक सीट महायुति के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। सीट बंटवारे के तहत यह सीट उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिली है और महायुति गठबंधन की ओर से नरेंद्र दराडे को उम्मीदवार बनाया गया है। लेकिन भाजपा से जुड़े बागी नेता गोकुल गीते के मैदान में डटे रहने से महायुति के भीतर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजनीतिज्ञों के अनुसार, यह फडणवीस की चाल हो सकती है। यहां शिंदे गुट एक बार फिर पस्त नजर आ रहा है।
ाह सीट भाजपा अपने ही बागी को चुपके से समर्थन देकर शिंदे गुट से छीन लेगी। ऐसे में भाजपा की दगाबाजी के सामने अब शिंदे गुट को रोना आ रहा है। गोकुल गीते को मनाने के लिए भाजपा और महायुति के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रयास किए, लेकिन अब तक उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया है। इससे न केवल भाजपा नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ी हैं, बल्कि शिंदे गुट में भी नाराजगी की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि गोकुल गीते की उम्मीदवारी से महायुति के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की हार तय है। इसी कारण शिंदे गुट इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर संकट में है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे पर भाजपा नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी भी जताई है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सीधे सीएम देवेंद्र फडणवीस को फोन करके शिकायत की है और स्पष्ट कहा है कि इस तरीके की रणनीति से शिंदे गुट को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गठबंधन के भीतर असहजता साफ दिखाई दे रही है।
