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भागवत कथा श्रवण मात्र से सारे पाप धुल जाते हैं: डॉ. निशकांत ओझा

सामना संवाददाता / प्रतापगढ़

भागवत कथा का एक-एक शब्द अमृत के समान है। कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में एक बार भागवत कथा अवश्य सुननी चाहिए। कथा श्रवण से जहां सारे पाप कट जाते हैं, वहीं जीवन भी सफल हो जाता है। यह बातें बनी तेरह मील स्थित गणेश कुमार सिंह के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अवसर पर कथावाचक डॉ. निशकांत ओझा ने कही।
कथावाचक श्री ओझा ने अपनी संगीतमयी कथा से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी है। इस अवसर पर उन्होंने परीक्षित के जन्म का अत्यंत मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान जीवों की रक्षा के लिए सदैव पहुंच जाते हैं। राजा परीक्षित की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के मुख्य यजमान गणेश सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी कांति सिंह हैं।
इस मौके पर समाजसेवी पंकज मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य इंसाफ बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह, रामानंद सिंह, विष्णु कुमार सिंह, संजय सिंह, उदय राज तिवारी, राजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजदेव सिंह, प्रमोद सिंह, जमुना शर्मा, गंगा राम आदि क्षेत्रीय जन उपस्थित रहे।
डॉ. जलज मणि दूबे।

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