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₹१,५०० बंद हुए तो बहनों ने बदला रास्ता! …नई योजनाओं के लिए उमड़ी भीड़

सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण’ योजना से लाखों महिलाओं का नाम कटने के बाद राज्यभर में एक नया रुझान देखने को मिल रहा है। हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद होते ही हजारों महिलाओं ने अब दूसरी सरकारी योजनाओं की ओर रुख कर लिया है।
ई-केवाईसी और पात्रता जांच के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को लाडली बहन योजना से अपात्र घोषित कर दिया गया। विशेष रूप से ६५ वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं तथा एक ही परिवार में दो से अधिक लाभार्थी होने वाले मामलों में सहायता राशि बंद कर दी गई। इसके बाद प्रभावित महिलाओं ने सरकारी सहायता जारी रखने के लिए नया रास्ता तलाश लिया है। सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में महिलाएं अब पहले यह प्रमाणपत्र हासिल कर रही हैं कि उन्हें लाडली बहन योजना का लाभ नहीं मिल रहा। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर वे दूसरी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में आवेदन कर रही हैं। कई जिलों में तहसील और सरकारी कार्यालयों में ऐसे आवेदनों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

चर्चा है कि जिन महिलाओं का मासिक १,५०० रुपए का लाभ बंद हुआ, वे अब उसी रकम या समान सहायता पाने वाली योजनाओं की ओर बढ़ रही हैं। श्रावणबाल सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजना वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए चलाई जाती है। वहीं संजय गांधी निराधार योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं, युवतियों और अन्य पात्र व्यक्तियों को भी मासिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

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