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लेटलतीफी के गड्ढे में फंसा मुंबई का पहला केबल-स्टे ब्रिज!

-खोखले साबित हो रहे हैं मनपा के दावे
-ट्रैफिक और रेलवे की लेटलतीफी का हुआ शिकार

द्रुप्ति झा / मुंबई
मनपा के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक, महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के पास केशवराव खाडये मार्ग पर बन रहा मुंबई का पहला केबल-स्टे ब्रिज (उड़ानपुल) लेटलतीफी और कुप्रबंधन का शिकार हो गया है। अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर के हालिया दौरे ने इस प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत और धीमी गति की पोल खोल कर रख दी है। प्रोजेक्ट को ३१ दिसंबर तक पूरा करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन काम की वर्तमान गति को देखकर यह असंभव लग रहा है। प्रमुख अभियंता राजेश मुले की मौजूदगी में हुए इस ऑडिट में कई चौंकाने वाली खामियां और रुकावटें सामने आई हैं।
प्रोजेक्ट में देरी के मुख्य कारण
सबसे बड़ी लापरवाही ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सामने आई है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा अब तक यातायात को सुचारू रूप से डायवर्ट नहीं किया जा सका है, जिसके कारण पुल के पांच अहम खंभों का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है। ट्रैफिक की इस अव्यवस्था के कारण सर्विस रोड के कंक्रीटीकरण का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, जगह-जगह यूटिलिटी लाइन्स बिछाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। पुल का ७८.५ मीटर ऊंचा मुख्य पिलर और पश्चिम दिशा का ९५ मीटर का स्पैन भले ही बन गया हो, लेकिन पूर्व दिशा के १६५ मीटर लंबे स्पैन का काम रेलवे के भरोसे अटका है। रेलवे सीमा में काम करने के लिए अभी तक रेलवे प्रशासन से आवश्यक ब्लॉक नहीं मिल पाया है, जिससे प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है।
८०३ मीटर लंबे और ७.२ मीटर चौड़े इस पुल को मनपा अपनी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विभागों के बीच आपसी तालमेल की भारी कमी है। अधिकारियों द्वारा ३१ दिसंबर तक पुल को जनता के लिए खोलने की बात कही जा रही है, लेकिन जब तक ट्रैफिक डायवर्जन का पेंच नहीं सुलझता और रेलवे से ब्लॉक की मंजूरी नहीं मिलती, तब तक मुंबईकरों को इस ट्रैफिक के नरक से मुक्ति मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
विभागों की खींचतान, मुंबईकर परेशान
मनपा, ट्रैफिक पुलिस और रेलवे के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा मुंबईकर भुगत रहे हैं। यूटिलिटी लाइन के लिए खोदी गई सड़कें और अधूरे काम से यातायात व्यवस्था बिगड़ी है। अधिकारियों के दावों के बावजूद पुल कब पूरा होगा, इसे लेकर अब संशय गहराता जा रहा है।

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