मुख्यपृष्ठनए समाचारनालासोपारा में रिक्शाचालकों की मनमानी!

नालासोपारा में रिक्शाचालकों की मनमानी!

यात्रियों ने किया ‘रास्ता रोको’ आंदोलन

राधेश्याम सिंह / वसई
नालासोपारा में रिक्शा वाले सुबह काम पर जाने वाले यात्रियों को स्टेशन तक छोड़ते हैं और शाम को घर लौटते समय किराया नकारने वाले रिक्शाचालकों की मनमानी के खिलाफ बुधवार रात नालासोपारा में यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। नालासोपारा पुल के पास आक्रोशित यात्रियों ने सड़क पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया। सैकड़ों रिक्शा रोके जाने से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और भारी यातायात जाम की स्थिति बन गई।
नालासोपारा हाइवे, संतोष भुवन, धानिवबाग, बिलालपाड़ा, वालईपाड़ा, वाकणपाड़ा और नालासोपारा फाटा क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से शहरीकरण हुआ है। इन इलाकों से बड़ी संख्या में नागरिक रोजाना रोजगार के लिए रिक्शा से स्टेशन तक आते-जाते हैं। यात्रियों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत का हवाला देते हुए कई रिक्शाचालक संतोष भुवन से आगे जाने से साफ इनकार कर रहे हैं। दिनभर काम करने के बाद शाम को घर लौटते समय यात्रियों को स्टेशन परिसर में रिक्शा के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा था। बुधवार शाम यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। यात्रियों ने सवाल उठाया कि जब सुबह स्टेशन तक छोड़ने के लिए रिक्शा चालक तैयार रहते हैं,तो शाम को घर ले जाने से क्यों रिक्शा वाले इनकार करते हैं? आक्रोशित यात्रियों ने सड़क पर उतरकर रिक्शाचालकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अचानक हुए आंदोलन के कारण सैकड़ों रिक्शा रास्ते में फंस गए और क्षेत्र में भारी यातायात जाम हो गया। स्थिति तनावपूर्ण होने की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें शांत किया और रिक्शाचालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
शाम होते ही रिक्शा ‘गायब’!
दिनभर नौकरी के बाद घर लौटने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ी। स्टेशन पर रिक्शा मिलना मुश्किल और चालक संतोष भुवन से आगे जाने को तैयार नहीं। यात्रियों का आरोप है कि सुबह भरपूर सवारी लेने वाले चालक शाम को दूरी का बहाना बनाकर किराया ठुकरा देते हैं।

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