मुख्यपृष्ठनए समाचारफडणवीस के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ पर शिंदे गुट का ब्रेक!

फडणवीस के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ पर शिंदे गुट का ब्रेक!

संतोष बांगर ने मौके पर पहुंचकर रुकवाई शक्तिपीठ महामार्ग की भूमि मापणी

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच एक बार फिर अंदरूनी खींचतान सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उन्हीं के सत्ताधारी गठबंधन के विधायक ने जोर का झटका दिया है। मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर शिंदे गुट के विधायक संतोष बांगर ने अपने क्षेत्र में चल रही भूमि मापणी की कार्रवाई को मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। उन्होंने अधिकारियों को मापणी रोकने और वहां से चले जाने के लिए कह दिया। इस घटनाक्रम ने महायुति के भीतर बढ़ती असहमति को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
नागपुर से गोवा को जोड़नेवाला शक्तिपीठ महामार्ग फडणवीस सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। हालांकि, किसानों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर मराठवाड़ा सहित राज्य के कई हिस्सों में इसका विरोध हो रहा है। अब इस विरोध की आंच महायुति के भीतर भी पहुंचती दिखाई दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शक्तिपीठ महामार्ग को मुख्यमंत्री फडणवीस का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ माना जाता है, तब महायुति के ही घटक दल का विधायक उसके लिए चल रही सरकारी कार्रवाई को मौके पर पहुंचकर वैâसे रुकवा रहा है? यह घटनाक्रम बताता है कि परियोजना को लेकर सरकार और सत्ताधारी गठबंधन के भीतर मतभेद जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। गुरुवार को हिंगोली जिले के कलमनुरी तालुका स्थित बऊर और कांडली गांवों के शिवार में पुलिस बंदोबस्त के बीच शक्तिपीठ महामार्ग के लिए भूमि मापणी शुरू की गई थी। स्थानीय किसानों के साथ विधायक संतोष बांगर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से मापणी तत्काल रोकने और वहां से चले जाने को कहा।

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