अमिताभ श्रीवास्तव
-कई बार मैच शुरू होने से पहले वह स्टंप के पीछे बैठकर आंखें बंद करते हैं और गेंदबाजों की संभावित योजनाओं की कल्पना करते हैं।
-पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर हैं।
वैभव का ध्यान आसन
टीम इंडिया की दहलीज पर खड़े वैभव सूर्यवंशी की सफलता का एक सबसे बड़ा कारण सामने आया है और इसे आईपीएल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया है। बताया जाता है कि मैच से पहले वैभव विपक्षी गेंदबाजों का बारीकी से अध्ययन करते हैं। नेट्स में सिर्फ शॉट खेलने का अभ्यास नहीं होता, बल्कि यह समझने की कोशिश होती है कि सामने वाला गेंदबाज दबाव में क्या करेगा। कई बार मैच शुरू होने से पहले वह स्टंप के पीछे बैठकर आंखें बंद करते हैं और गेंदबाजों की संभावित योजनाओं की कल्पना करते हैं। किस गेंद पर हमला करना है, किस गेंद को सम्मान देना है और किस ओवर को निशाना बनाना है, इसका खाका उनके दिमाग में पहले से तैयार रहता है। आईपीएल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने वैभव का एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में वह स्टंप के पीछे बैठकर आंखें बंद किए नजर आ रहे थे। साथ में लिखा था- ‘फोकस, मेनीफेस्ट, गेट रेडी टू डिलीवर’ यही वह दृश्य था, जिसने उनकी तैयारी के एक अलग पहलू की झलक दी। यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी देखने में जितनी आक्रामक लगती है, उतनी ही योजनाबद्ध भी होती है।
माजा का मजा ही मजा
आज है महिलाओं का फ्रेंच ओपन फाइनल और इस फाइनल में एक ऐसी लड़की पहुंची है, जिसने इतिहास रचा है। यह है पोलैंड की २४ साल की टेनिस स्टार माजा ख्वालिंस्का। अब जिसका मजा ही मजा है, क्योंकि वो विश्व रैंकिंग में भी बड़े अंतर से छलांग लगाएगी। यह फ्रेंच ओपन के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का फ्रेंच ओपन के महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली क्वालिफायर हैं। मतलब उन्होंने पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलकर फ्रेंच ओपन के लिए क्वालिफाई किया फिर इस ग्रैंड स्लैम के फाइनल तक का सफर तय किया। ओपन एरा में माजा ख्वालिंस्का, बतौर क्वालिफायर किसी ग्रैंड स्लैम के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी महिला प्लेयर हैं। उनसे पहले एम्मा राडुकानू ने २०२१ के यूएस ओपन के सिगल्स फाइनल में बतौर क्वालिफायर अपनी जगह पक्की की थी। २४ साल की पोलिश टेनिस स्टार ने रूस की डायना श्नेडर को हराकर फ्रेंच ओपन के फाइनल का टिकट कटाया है, जहां उनका खिताबी मुकाबला अब टीनेज सनसनी मीरा एंडरीवा से होगा। फ्रेंच ओपन २०२६ के शुरू होने से पहले माजा ख्वालिंस्का की वर्ल्ड रैंकिंग महिला सिगल्स में ११४वीं थी, लेकिन अब अगर वो फ्रेंच ओपन जीत जाती हैं तो रैंकिंग में १०० पायदान की छलांग के साथ वो १४वें नंबर पर आ जाएंगी।
