मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए 81 दिवसीय गोरक्षा यात्रा पर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर केंद्र और यूपी सरकार का घेराव किया। समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र के गांव में रात्रि विश्राम करने पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग करके सत्ता में आने वाली केंद्र और राज्य सरकार ने गाय को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया है। वेदों में भी गाय को माता कहा गया। लेकिन यह सरकार बूचड़खानों से चंदा लेकर सरकार चल रही है और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने से बच रही है।
शंकराचार्य ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग आज की नहीं है, गाय को सदियों से राष्ट्रमाता माना गया है। जिस तरह विदेशियों ने भारत का नाम बार-बार बदला लेकिन देश आजाद हुआ तो फिर से भारत का नाम भारत हो गया। इसी तरह गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों की वजह से देश के युवा कॉकरोच जनता पार्टी बना रहे हैं। बेरोजगारी और महंगाई के मोर्चे पर सरकार ठीक से काम नहीं कर रही। शंकराचार्य करहल क्षेत्र के ग्राम बीबामऊ मैं भी पहुंचे और वहां ग्रामीण से गो संरक्षण के लिए गो आश्रय बनाने का आवाहन किया। इससे पूर्व कॉलेज परिसर में हवन-पूजन हुआ। शंकराचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लोगो के सहयोग से गोदान केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक घर से लोग एक नोट का चंदा दें। इस गोदान केंद्र में पलने वाली गायो का दूध बेचा नही जाएगा। एकत्रित होने वाली धनराशि से गौरक्षण का कार्य होगा। उनकी यात्रा का मकसद, गौसंरक्षण के ज़रिए, कृषि विकास, और किसानों की आय बढ़ाने का भी है। इससे पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद यादव ने अपने पत्नी के साथ उनकी आरती उतारी। कार्यक्रम में सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष, आदि मौजूद रहे।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी 81 दिवसीय गोरक्षा यात्रा के साथ शनिवार को सैफई पहुंचे। यहां अविमुक्तेश्वरानंद का सांसद डिंपल ने आरती उतारकर स्वागत किया। कुछ देर रुकने के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचवि शिवपाल सिंह यादव और करहल विधायक तेज प्रताप यादव ने उनसे बातचीत की। 81 दिवसीय गतिविष्ट यात्रा का इटावा में कई जगह स्वागत किया गया।
