मगध मेडिकल कॉलेज में चार दिन से ओपीडी ठप, मरीज परेशान
गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों और प्रशासन के बीच जारी विवाद का असर अब सीधे मरीजों पर दिखाई देने लगा है। आलम यह है कि स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर आ गई है। जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसके कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं ठप हैं और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार सुबह अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचे। किसी को चिकित्सकीय परामर्श लेना था तो किसी को जांच करानी थी, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से आए कई मरीजों ने बताया कि वे सुबह-सुबह लंबी दूरी तय कर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मरीजों का कहना है कि बीमारी और दर्द किसी का इंतजार नहीं करते। ऐसे में सरकारी अस्पताल की सेवाएं प्रभावित होने से उन्हें मजबूरी में निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहां इलाज का खर्च उनकी आर्थिक क्षमता से कहीं अधिक है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
मगध क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल इस संस्थान में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कई दिनों तक ओपीडी सेवा बंद रहने से स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की मांगें अपनी जगह हो सकती हैं, लेकिन उनका समाधान निकालना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मरीजों के परिजनों में आक्रोश
लगातार बढ़ती परेशानियों के कारण मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। हालात को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
