मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन: टैटू वाली बॉडी बिल्डर!

आउट ऑफ पवेलियन: टैटू वाली बॉडी बिल्डर!

-अपनी बॉडी को बनाए रखने के लिए वो हर तीन घंटे में हाई-कैलोरी भोजन खाती हैं।

-हाल ही में हुए ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में वह दूसरे स्थान पर आई थीं।

अमिताभ श्रीवास्तव

यूके की अंतरराष्ट्रीय प्रो बॉडीबिल्डर रेने कैंपबेल का शरीर जितना बलिष्ठ है, उतने ही टैटू उसने बनवा रखे हैं। अपनी बॉडी को बनाए रखने के लिए वो हर तीन घंटे में हाई-कैलोरी भोजन खाती हैं। सातों दिन ऐसा ही करती है और वह भी ‘ऑफ सीजन’ में। दिलचस्प यह है कि वह दो हफ्तों का चिकन, चावल और अंडे एक साथ बनाती हैं। अपने सप्लीमेंट्स स्टॉक करती हैं और जिम में अपने मेल ट्रेनिंग पार्टनर्स को दिखाती हैं कि इसे कैसे किया जाता है। रेने दो बच्चों की मां हैं। रेने वैंâपबेल छोटे कद की थीं मगर उन्होंने अपने अधिकांश जीवन को एक ऐसे शरीर में ढालने में लगाया, जो उनके अनुसार पूरी तरह से उस धारणा के खिलाफ है कि समाज सोचता है कि एक महिला को वैâसी दिखनी चाहिए। बॉडीबिल्डर की इस मेहनत ने उन्हें कई पुरस्कार दिलाए हैं, मगर अपने सपनों का शरीर बनाने, ८५ पाउंड से अधिक वजन बढ़ाने और यूके साइज ८ से १४ तक जाने में रेने ने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना किया है। वो कहती हैं कि मैं अपने शरीर की छवि को लेकर बहुत असुरक्षित थी। मीडिया के जरिए मुझे लगातार यह दबाव महसूस होता था कि महिलाओं को एक खास तरीके से दिखना चाहिए। रेने जब दुनिया में मशहूर हुईं तो उन्होंने अपने शरीर को टैटुओं से ढंक लिया। उनके शरीर पर कई तरह के टैटू हैं, जो उनकी सफलता को दर्शाते हैं।
वो सिल्वर से ऊब गई थी!
दुनिया की नई स्प्रिंट सनसनी एमी हंट ने बर्मिंघम में ऐतिहासिक यूरोपीय गोल्ड जीतकर अपनी धुआंधार दौड़ जारी रखी है। २४ वर्षीय इस धाविका ने ११.०० सेकंड का समय निकालते हुए अपनी पहली बड़ी व्यक्तिगत जीत हासिल की और मौजूदा चैंपियन डिना एशर-स्मिथ को पीछे छोड़ दिया, जो पांचवें स्थान पर रहीं। वो कहती हैं कि ‘मैं सिल्वर से ऊब गई थी।’ हाल ही में हुए ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में वे दूसरे स्थान पर आई थीं। उन्होंने कहा, ‘घरेलू मैदान पर ऐसा करना सच में बहुत खास है।’ मुझे एक बहुत बड़ी सहज अनुभूति हुई थी और मुझे अपना काम बस बहुत पसंद है। यही इसे सबसे अच्छा बनाता है।’ मुझे अभी जैसे जादुई भावना हुई। मैंने यहां अंग्रेजी स्कूलों में जीत दर्ज की है, मैं यहां १३, १४ साल की उम्र में दौड़ी थी तो यह वास्तव में मेरी ट्रैक है। मैं एक लड़की हूं, मैं न्यूयार्क से हूं, तो मुझे बस ऐसा लग रहा था कि यह मेरी रात होने वाली है। उन्होंने कहा ‘मेरा पहला गोल्ड। मुझे लगता है कि निश्चित रूप से समय था अपग्रेड का। मुझे लगता है कि यह वास्तव में आज रात मेरे लिए परिपक्वता का अनुभव था और अब मैं पूरी तरह स्थापित हो गई हूं। एमी १०० मीटर की पदक विजेता हैं। पिछले दो हफ्तों में उन्होंने दो १०० मीटर के पदक जीते हैं और एक और यानी ऐसे ११ पदक उनके नाम हुए हैं।

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