मुख्यपृष्ठसमाचारबंगाल की सरकारी बिल्डिंग में आग ४ हजार ईवीएम जलकर खाक!

बंगाल की सरकारी बिल्डिंग में आग ४ हजार ईवीएम जलकर खाक!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

-चुनाव में हुई थी इस्तेमाल
-संदेह के घेरे में आग की लपटें
-मामले की गहन जांच शुरू

-मंत्री ने कहा, ‘आग चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को प्रभावित किए बिना सातवीं और आठवीं मंजिल तक वैâसे पहुंची? पूरे मामले की जांच चल रही है।’

पश्चिम बंगाल की एक सरकारी बिल्डिंग में लगी भीषण आग में करीब ४,००० इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) जलकर खाक हो गईं। विधानसभा चुनाव के दौरान इन इवीएम मशीन का इस्तेमाल हुआ था। शुभेंदु सरकार में मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में नौ मंजिला इमारत में बुधवार को भीषण आग लगी थी। इस इमारत में अन्य विभागों के अलावा दक्षिण २४ परगना जिला परिषद का कार्यालय भी था।
अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के राज्य मंत्री चौधरी ने कहा, ‘आग में लगभग ४,००० ईवीएम जलकर नष्ट हो गईं। राज्य में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान इन ईवीएम का इस्तेमाल १० निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था।’ चौधरी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा, ‘यह सामान्य आग नहीं प्रतीत हो रही है। हम जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई तोड़-फोड़ तो नहीं हुई थी।
सातवीं मंजिल पर कैसे पहुंची आग?
अभी यह साफ नहीं है कि आग नौवीं और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंची।’ उन्होंने कहा कि आग सबसे पहले इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई। उसके बाद तीन मंजिलों को छोड़कर आग की लपटें सीधे सातवीं मंजिल पर वैâसे पहुंच गई, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि वह घटना के बारे में बेहतर जानकारी के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
एफआईआर के बाद जांच शुरू
इस बीच, दक्षिण २४ परगना प्रशासन ने अलीपुर पुलिस थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। यह तहरीर जिले के अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने दी, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों से उम्मीद है कि वे घटनास्थल पर पहुंचकर आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए नमूने एकत्र करेंगे। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जांच के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि आग गलती से लगी थी या किसी ने जान-बूझकर लगाई थी। इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

 

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