– बेस्ट की बस नीति पर सवाल
– अधूरी डिलिवरी के बीच नया टेंडर
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन का भरोसा दिलाने वाला बेस्ट प्रशासन एक बार फिर १,५०० नई मिडी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें किराए पर लेने की तैयारी में है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहले दिए गए हजारों बसों के ठेके का क्या हुआ, जिनकी आपूर्ति आज तक पूरी नहीं हो सकी है?
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष २०२२ और २०२४ में कुल ४,५०० इलेक्ट्रिक बसों का ठेका दिया जा चुका है। इसके बावजूद इन बसों की आपूर्ति निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई। नतीजा यह है कि कई मार्गों पर बसों की कमी बनी हुई है और यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में बेस्ट ने अब १,५०० नई मिडी इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा कर दी है। प्रशासन का दावा है कि ये बसें संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले इलाकों तथा रेलवे और मेट्रो स्टेशनों तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, लेकिन यात्रियों और परिवहन विशेषज्ञों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब पुरानी परियोजनाएं ही अधूरी हैं तो नई घोषणाओं की जल्दबाजी क्यों? विशेषज्ञों का मानना है कि नई बसों के ठेके देने से पहले लंबित बसों की आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है। केवल कागजी योजनाओं और नई घोषणाओं से मुंबई की परिवहन व्यवस्था मजबूत नहीं होगी। जरूरत इस बात की है कि जो बसें पहले स्वीकृत हो चुकी हैं, वे जल्द से जल्द सड़कों पर उतरें। अब मुंबईकर यह जानना चाहते हैं कि बेस्ट की नई १,५०० बसों की योजना भी कहीं पुरानी घोषणाओं की तरह फाइलों में तो नहीं अटक जाएगी। सवाल यही है कि बसों के ठेके तो लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन यात्रियों को राहत आखिर कब मिलेगी?
बेस्ट के बस ठेकों का हिसाब
– वर्ष २०२२ में २,१०० इलेक्ट्रिक बसें
– वर्ष २०२४ में २,४०० इलेक्ट्रिक बसें
– वर्ष २०२६ में (प्रस्तावित)
-१,५०० मिडी एसी इलेक्ट्रिक बसें
कुल ६,००० बसें
